
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
अतरुआ चौक पर जलजमाव की गंभीर समस्या से परेशान ग्रामीणों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अतरुआ चौक पर पिछले काफी समय से जलजमाव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। गंदा पानी सड़क पर जमा होने से न केवल आम राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है, बल्कि बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने इस समस्या के प्रति प्रशासन की कथित उदासीनता से नाराज होकर गुरुवार को चार घंटे तक सड़क जाम रखा।
अतरुआ चौक पर जलजमाव का स्थायी समाधान कब?
नाराज ग्रामीणों ने बताया कि भगवानपुर प्रखंड के लखनपुर एवं महेशपुर पंचायत की सीमा पर स्थित इस चौक पर जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। पूर्व में यहां बने नाले का पानी नदी में गिरता था, लेकिन नए अतरुआ बलान नदी पुल के निर्माण के बाद से जल निकासी का मार्ग बाधित हो गया है। परिणामस्वरूप, पिछले पांच महीने से नाले का गंदा और बदबूदार पानी सड़क के बीचों-बीच जमा हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलजमाव के कारण सड़क पर चलना दूभर हो गया है।
स्थानीय दुकानदारों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि जलजमाव के चलते ग्राहकों का आना कम हो गया है। इसके अलावा, मच्छर और मक्खियों के पनपने से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी को कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासनिक उदासीनता और ग्रामीणों का संघर्ष
- वर्ष 2014 में भी ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने को लेकर धरना दिया था।
- अधिकारियों ने तब भी आश्वासन दिया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
- सड़क पर जमा पानी के कारण छोटे-बड़े हादसे भी अक्सर होते रहते हैं।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब चार घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भगवानपुर के अंचलाधिकारी (सीओ) रानू कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने जलजमाव की स्थिति का स्वयं जायजा लिया। ग्रामीणों की आपबीती सुनने के बाद सीओ ने उन्हें विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और जल निकासी की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे।
सीओ के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम और अपना धरना समाप्त किया। हालांकि, स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस समस्या का समाधान करता है।
