
लेखक: राष्ट्र संवाद ब्यूरो
अयोध्या दीपोत्सव को लेकर 6 से 8 नवंबर तक भारी वाहनों का डायवर्जन किया गया है, जिसके तहत यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से नियमित बनाए रखने के लिए 6 नवंबर की रात से 8 नवंबर तक भारी वाहनों के आवागमन पर डायवर्जन लागू किया गया हैं l इस दौरान अयोध्या की ओर जाने वाले कई प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
अयोध्या दीपोत्सव को लेकर 6 से 8 नवंबर तक भारी वाहनों का डायवर्जन
यातायात व्यवस्था के तहत लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई और कानपुर रोड की ओर से आने वाले भारी वाहन बाराबंकी होकर अयोध्या नहीं जा सकेंगे। इन वाहनों को किसान पथ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। इसके लिए संबंधित मार्गों पर यातायात पुलिस की तैनाती कर वाहनों को निर्धारित रूट से रवाना किया जाएगा।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। धार्मिक आयोजन, दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चलते प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में जाम की स्थिति से बचने, श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
यातायात पुलिस की विशेष अपील और निर्देश
यातायात पुलिस ने भारी वाहन चालकों और परिवहन संचालकों से अपील की है कि वे डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें और यात्रा शुरू करने से पहले अपने मार्ग की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। निर्धारित अवधि में प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें तथा पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि दीपोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
इस बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। चालकों से सहयोग की अपील की जाती है।
त्योहार के इस पावन अवसर पर शहर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश वर्जित होने से शहर के भीतर यातायात को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी। पुलिस प्रशासन ने सभी प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
