

बखरी-बेगूसराय: प्रखंड क्षेत्र में इस बार का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय नजर आने लगा है। आगामी पर्व को लेकर प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर तैयारियां अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। बखरी में काली पूजा की तैयारियां तेज, प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं मूर्तिकार शीर्षक के साथ इस बार का उत्साह देखते ही बनता है। स्थानीय लोगों में गजब का उमंग और उल्लास देखा जा रहा है।
बखरी में काली पूजा की तैयारियां तेज, प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं मूर्तिकार
क्षेत्र के विभिन्न इलाकों जैसे बखरी नगर, शकरपुरा, मोहनपुर और बगरस सहित तमाम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मां काली की भव्य प्रतिमाओं का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। मूर्तिकार दिन-रात एक करके माता के स्वरूप को जीवंत और आकर्षक रूप देने में लगे हुए हैं। इस साल सजावट और रोशनी की भी बेहद खास व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिए पूजा समितियों ने कमर कस ली है।
आस्था के इस महापर्व पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए समितियों ने प्रशासन के साथ मिलकर रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। त्योहारों से जुड़ी हर ताज़ा और सटीक जानकारी के लिए आप दैनिक भास्कर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नजर रख सकते हैं, जो लगातार स्थानीय आयोजनों को कवर करती है।
मूर्तिकारों की मेहनत और श्रद्धा
मोहनपुर के रहने वाले प्रसिद्ध मूर्तिकार मुकेश ने बातचीत के दौरान बताया कि हर साल की तरह इस बार भी माता काली की आकर्षक और भव्य मूर्तियां तन-मन और पूरी श्रद्धा के साथ बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मूर्तिकला सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि उनके लिए मां की सेवा का एक बड़ा माध्यम है।
- बखरी नगर में भव्य पंडालों का निर्माण कार्य शुरू।
- शकरपुरा और मोहनपुर में युवाओं की टोली तैयारियों में जुटी।
- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह है मुस्तैद।
काली पूजा हमेशा से ही इस क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक परंपरा और अटूट आस्था का एक प्रमुख केंद्र रही है। यहां के श्रद्धालु माता की सच्चे मन से आराधना कर अपने परिवार के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इस बार के आयोजन को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में एक अलग ही प्रकार का उत्साह देखने को मिल रहा है, जो इस माटी की सांस्कृतिक खूबसूरती को और भी प्रगाढ़ बनाता है।

