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    Home » भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराएं आज भी दुनिया को जोड़ रही हैं : मोदी
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    भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराएं आज भी दुनिया को जोड़ रही हैं : मोदी

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 14, 2026No Comments2 Mins Read
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    भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराएं आज भी दुनिया को जोड़ रही हैं : मोदी

    बृहत्तर भारत सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों का व्यापक क्षेत्र : शेखावत

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    नई दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) की ओर से 14 से 16 अक्टूबर तक नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘विश्व भर में भारत के सांस्कृतिक संबंध’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। बृहत्तर भारत परिषद की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया। इसमें 50 देशों के प्रतिनिधि और राजदूत भाग ले रहे हैं।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराएं, योग, दर्शन, संगीत और सांस्कृतिक विरासत आज भी दुनिया के विभिन्न देशों और संस्कृतियों को जोड़ रही हैं।
    केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि बृहत्तर भारत को राजनीतिक या क्षेत्रीय दावे के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों के व्यापक क्षेत्र के रूप में समझा जाना चाहिए।
    आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि व्यापार, यात्राओं और ज्ञान के आदान-प्रदान ने विभिन्न सभ्यताओं को जोड़ा है। सम्मेलन के दौरान ‘एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत’ विषय पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें भारत और एशियाई देशों के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को प्रदर्शित किया गया।

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