अपने ही घर को पाने के लिए दर-दर भटक रहे अमित कुमार, आखिर कब मिलेगा न्याय?
भाजपा घाघीडीह मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार पर मकान पर कब्जे, मारपीट और धमकी देने के आरोप बिजली कनेक्शन को लेकर भी उठाए सवाल, एसएसपी से मांगी सुरक्षा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। बागबेड़ा थाना क्षेत्र के घाघीडीह स्थित गंगोत्री कॉलोनी में मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। व्यवसायी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित कुमार ने भाजपा के घाघीडीह मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार और उनकी पत्नी मधुलिका रानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमित कुमार का कहना है कि उन्होंने आनंद कुमार को रहने के लिए गंगा रीजेंसी डुप्लेक्स कॉलोनी, घाघीडीह स्थित मकान दिया था लेकिन अब उन्हें अपना ही घर वापस पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मकान खाली कराने के विवाद के बीच उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। न्याय पाने के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है।अमित कुमार का आरोप है कि आनंद कुमार द्वारा झूठी अफवाहें फैलाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमित कुमार को न्याय कब मिलेगा?
मकान खाली कराने को लेकर विवाद गहराया
अमित कुमार के अनुसार, कभी उनके और आनंद कुमार के बीच अच्छे संबंध थे, लेकिन अब मामला गंभीर विवाद में बदल गया है। उन्होंने आनंद कुमार के खिलाफ अनुमंडल दंडाधिकारी, धालभूम के न्यायालय में बेदखली का मामला (HRC Case No. 78/2026) दायर करने की बात कही है। इसके अलावा, 64 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी से संबंधित बागबेड़ा थाना कांड संख्या 26/2026 का भी उन्होंने उल्लेख किया है। इन मामलों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
अमित कुमार ने पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को आवेदन देकर आनंद कुमार और उनकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
उनके आवेदन के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 की सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान आनंद कुमार ने मोटरसाइकिल से धक्का मारकर उन्हें गिराने का प्रयास किया। उसी दिन शाम करीब पांच बजे बिजली मीटर की जांच के दौरान उनकी पत्नी राखी कुमारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और लाठी-डंडे से मारपीट की गई। अमित कुमार का आरोप है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग करने के प्रयास में उनकी पत्नी का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया।
उन्होंने दावा किया है कि घटना के समय बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। आवेदन में इस संबंध में बागबेड़ा थाना कांड संख्या 91/2026 का भी उल्लेख किया गया है। इन आरोपों पर दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
बिजली कनेक्शन पर भी उठाए सवाल
मकान विवाद के बीच अमित कुमार ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक को आवेदन देकर बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि किरायेदार के नाम पर बिजली कनेक्शन किस आधार पर जारी किया गया और क्या निर्धारित नियमों का पालन किया गया था। उन्होंने बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक की भूमिका की भी जांच की मांग की है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
अपने ही घर को पाने के लिए भटकने का दावा
अमित कुमार का कहना है कि उन्हें अपना ही घर वापस पाने के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अब तक न्याय नहीं मिलने की बात कहते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
अमित कुमार ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बताया कि जुलाई 2026 में दिल्ली स्थित एम्स में उनके हृदय का ऑपरेशन हुआ था और वह 5 अगस्त को जमशेदपुर लौटे थे। उन्होंने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश देने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
आखिर कब मिलेगा अमित कुमार को न्याय?
इस पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि अमित कुमार के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। बिजली कनेक्शन से जुड़े सवालों की भी निष्पक्ष जांच जरूरी है। वहीं, आरोपों की पुष्टि होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपने ही घर को पाने के लिए अमित कुमार को आखिर कब तक दर-दर भटकना पड़ेगा? उनकी शिकायत पर पुलिस प्रशासन कब ठोस कदम उठाएगा?फिलहाल, अमित कुमार न्याय की उम्मीद में प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

