Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत किसी की कीमत पर नहीं, दुनिया के साथ और उसके लिए विकास करता है: मोदी
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    भारत किसी की कीमत पर नहीं, दुनिया के साथ और उसके लिए विकास करता है: मोदी

    News DeskBy News DeskOctober 13, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बुनियाद और लगातार हो रहे सुधारों पर आधारित है।

    उन्होंने कहा कि भारत दूसरे देशों को नुकसान पहुंचा कर नहीं, बल्कि सबकी समृद्धि के साथ अपनी वैश्विक आर्थिक भूमिका बढ़ाना चाहता है।

    मोदी ने कहा, ‘‘हम किसी की कीमत पर विकास नहीं करते। हम दुनिया के साथ और दुनिया के लिए विकास करते हैं।’’

    उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार में बाधाओं और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों तथा संसाधनों को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत को एक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार के रूप में पेश किया।

    ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम’ को संबोधित करते हुए उन्होंने अप्रैल-जून तिमाही में देश की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि, 700 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार और कराधान, दिवाला तथा श्रम कानूनों से जुड़े सुधारों का उल्लेख किया और कहा कि ये भारत की मजबूती को दर्शाते हैं।

    मोदी ने कहा, ‘‘अनिश्चितताओं से भरी इस दुनिया में भारत भरोसे और स्थिरता का एहसास कराता है।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘इस साल अप्रैल-जून तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही। यह वृद्धि मजबूत बुनियाद पर हो रही है।’’

    मोदी ने देश की मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का चालू खाते का घाटा 12-13 साल पहले चार प्रतिशत से अधिक था, जो अब घटकर करीब आधा प्रतिशत रह गया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी देश की आर्थिक और प्रौद्योगिकी ताकत का आकलन केवल इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि उसके पास कितनी शक्ति है, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि वह दूसरों के लिए अवसर पैदा करने में अपनी ताकत का कितना प्रभावी इस्तेमाल करता है।

    उन्होंने कहा, ‘‘असल सवाल यह नहीं है कि किसके पास ताकत है। असली सवाल यह है कि इस ताकत का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है?’’

    प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, बढ़ते स्टार्टअप परिवेश और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि घरेलू क्षमताएं समावेशी विकास में मदद कर सकती हैं।

    उन्होंने साथ ही कहा कि भारत डिजिटल पहचान, भुगतान और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपना अनुभव साझेदार देशों के साथ साझा कर रहा है, खासकर वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ।

    मोदी ने कहा, ‘‘हमारे लिए सुधार मजबूरी नहीं बल्कि हमारा संकल्प है।’’

    उन्होंने आगाह किया कि आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, भुगतान प्रणाली और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल तेजी से भू-राजनीतिक दबाव बनाने के साधनों के रूप में किया जा रहा है। ऐसे में भरोसेमंद साझेदारों और मजबूत आर्थिक प्रणालियों का महत्व बढ़ गया है।

    उन्होंने कहा, ‘‘ये सभी दबाव बनाने और अपनी बात मनवाने के साधन बनते जा रहे हैं।’’

    मोदी की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब भारत निवेश आकर्षित करने, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका बढ़ाने और उभरते बाजारों के साथ आर्थिक साझेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

    प्रधानमंत्री ने भारत की वृद्धि को केवल घरेलू आर्थिक उपलब्धि के रूप में ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लिए प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और समाधान उपलब्ध कराने के संभावित स्रोत के रूप में भी पेश किया।

    मोदी ने कहा कि भारत डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा करके अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। इसमें ‘ग्लोबल साउथ’ के देश विशेष रूप से शामिल हैं।

    आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, भुगतान और प्रौद्योगिकी के भू-राजनीतिक दबाव के साधन बनते जाने को लेकर आगाह करते हुए मोदी ने जलवायु परिवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृत्रिम मेधा (एआई) और आर्थिक सुरक्षा के मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleModern surfaces and incaspinaustralia.com items for home interiors

    Related Posts

    लखीमपुर खीरी और बहराइच में तेंदुए का हमला, दो बच्चों की मौत

    October 13, 2026

    राहुल ने विपक्षी सांसदों को चाय पर बुलाया, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तय होगी नई रणनीति

    October 13, 2026

    दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होंगी: प्रधान न्यायाधीश न्यायालय प्रदर्शन याचिकाएं

    October 13, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    भारत किसी की कीमत पर नहीं, दुनिया के साथ और उसके लिए विकास करता है: मोदी

    Modern surfaces and incaspinaustralia.com items for home interiors

    लखीमपुर खीरी और बहराइच में तेंदुए का हमला, दो बच्चों की मौत

    राहुल ने विपक्षी सांसदों को चाय पर बुलाया, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तय होगी नई रणनीति

    Sonnige Vibes von Meeresbrisen bis https://fiery-plays.de durch pure Energie

    दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाएं सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होंगी: प्रधान न्यायाधीश न्यायालय प्रदर्शन याचिकाएं

    Kiemelkedő nyerési lehetőségek a profi sportfogadók számára, a https://bet-matches.com kínálatában rejlenek

    सीजेपी के बाद अब मक्खी जनता पार्टी की हुई एंट्री, सीजेआई की टिप्पणी से मिला आइडिया, बना डिजिटल मंच

    पीलीभीत में रामलीला मेले के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद में गोलीबारी, तीन लोगों की मौत

    ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में सनी देओल का दमदार अवतार, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.