निरसा एनकाउंटर के बाद जांच तेज, फार्महाउस से कारतूस और हथियार बरामद; फरार आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
धनबाद: निरसा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुए पुलिस एनकाउंटर के बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुठभेड़ के बाद रांची से पहुंची राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (SFSL) की टीम ने हाथबाड़ी स्थित फार्महाउस और उसके आसपास के इलाके की गहन जांच की। जांच के दौरान फार्महाउस के पीछे जंगल और झाड़ियों से 20 से अधिक कारतूस तथा अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और बरामद सामग्री की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, धनबाद के चर्चित नीरज सिंह हत्याकांड और जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में वांछित आरोपी सागर सिंह उर्फ विजय सिंह उर्फ शिबू को निरसा के एक फार्महाउस में घेराबंदी कर पकड़ा गया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद पुलिस ने शिबू के फरार साथियों की तलाश तेज कर दी है। झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में भी विशेष टीमों को रवाना किया गया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। घायल आरोपी की निशानदेही पर हाथबाड़ी जंगल क्षेत्र में भी तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से हथियार और कारतूस मिलने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी सागर सिंह उर्फ शिबू धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड और हाल में चांडिल के टेंथ माइल स्टोन होटल में हुई व्यवसायी निखार सबलोक की हत्या के मामले में मुख्य शूटर के रूप में नामजद है। निखार सबलोक की 24 अगस्त 2026 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू फार्महाउस के मालिक शमशाद खान की भूमिका भी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को वहां शरण कैसे मिली और उसके पीछे किसका संरक्षण था। फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और बरामद हथियारों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

