चौकीदार रामविनय पासवान के असामयिक निधन से बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत फफौत पंचायत में शोक की लहर दौड़ गई है।
चौकीदार रामविनय पासवान के असामयिक निधन पर शोक सभा
खोदावंदपुर,बेगूसराय। फफौत हल्का के चौकीदार 57 वर्षीय रामविनय पासवान के असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है. फफौत पंचायत के चकवा गांव निवासी राम विनय पासवान का निधन गत 14 सितंबर की रात उनके निवास स्थान पर हो गया. वे पिछले कई वर्षों से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे.
उनके निधन की सूचना पर खोदावंदपुर थाना एवं अंचल कार्यालय में शोक सभा आयोजित कर दिवंगत चौकीदार को श्रद्धांजलि दी गयी. चौकीदार के असामयिक निधन पर खोदावंदपुर हल्का के चौकीदार अवधेश पासवान, राजाराम पासवान, चकयद्दु मालपुर के घनश्याम कुमार, बरियारपुर पश्चिमी के राम बहादुर दास, बेगमपुर गांव के दिनेश पासवान समेत अन्य लोगों ने दिवंगत चौकीदार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
लोगों ने कहा कि रामविनय पासवान अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित एवं व्यवहार कुशल व्यक्ति थे. उनके निधन से चौकीदार परिवार के साथ-साथ विभाग को भी अपूरणीय क्षति हुई है. रामविनय पासवान अपने पीछे पत्नी तारा देवी, चार पुत्र दीपक कुमार, सूरज कुमार, चंदन कुमार व गुलशन कुमार तथा दो पुत्रियों रीना देवी एवं नंदनी कुमारी को छोड़ गए है. नंदनी कुमारी अविवाहित हैं, जबकि अन्य सभी पुत्र-पुत्रियों विवाहित है.
अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़
दिवंगत चौकीदार का अंतिम संस्कार 16 सितंबर की शाम सिमरिया धाम स्थित श्मशान घाट पर किया गया. ज्येष्ठ पुत्र दीपक कुमार ने मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में परिजन, ग्रामीण एवं सहकर्मी मौजूद रहे.
चकवा गांव के चौकीदार राम विनय पासवान का फाइल फोटो
चौकीदार रामविनय पासवान का जीवन और योगदान
रामविनय पासवान ने लगभग तीन दशकों तक फफौत हल्का में चौकीदार के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वे ग्रामीण पुलिस व्यवस्था की रीढ़ माने जाते थे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर है। ग्रामीण बताते हैं कि वे रात-दिन गांव की सुरक्षा में तत्पर रहते थे। किसी भी आपात स्थिति में वे सबसे पहले पहुंचते थे। उनकी कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल दी जाती है।
शोक सभा में व्यक्त की गई संवेदनाएं
खोदावंदपुर थाना परिसर में आयोजित शोक सभा में उपस्थित सभी चौकीदारों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। थानाध्यक्ष ने कहा कि रामविनय पासवान की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। अंचलाधिकारी ने भी उनके योगदान को याद करते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। सहकर्मियों ने उन्हें एक कर्मठ और ईमानदार कर्मचारी बताया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पत्नी तारा देवी और छह बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। ज्येष्ठ पुत्र दीपक कुमार पर अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस दुखद घटना पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की है। बेगूसराय जिला प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
ग्रामीण पुलिस व्यवस्था के लिए अपूरणीय क्षति
चौकीदार व्यवस्था ग्रामीण भारत में कानून व्यवस्था बनाए रखने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। रामविनय पासवान जैसे समर्पित चौकीदार के जाने से इस कड़ी में एक खालीपन आ गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उनकी जगह भरना आसान नहीं होगा। नए चौकीदार की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

