केंद्र पर भेदभाव के आरोप बेबुनियाद, एमएमडीआर और सुरक्षा फंड पर भाजपा का पलटवार
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। एमएमडीआर (माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) और जीएसटी बकाया को लेकर राज्य सरकार द्वारा केंद्र पर लगाए जा रहे भेदभाव के आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह ने राज्य के वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण किशोर के बयानों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीति किसी राज्य को निशाना बनाने या परेशान करने की नहीं है।
अभय सिंह ने कहा कि जीएसटी पूरे देश में समान कानून, नीति और व्यवस्था के तहत लागू है, इसलिए किसी एक राज्य के साथ पक्षपात का सवाल ही नहीं उठता। इसी तरह एमएमडीआर के प्रावधान भी पूरे देश के लिए समान हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल केवल अपने राज्य को लेकर ही भ्रम क्यों फैला रहे हैं, जबकि अन्य गैर-भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों से ऐसी शिकायतें सामने नहीं आ रही हैं।
सुरक्षा कोष और विशेष केंद्रीय सहायता को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय फंड का आवंटन जमीनी परिस्थितियों और जरूरतों के आधार पर होता है। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से झारखंड के सारंडा, पलामू, लातेहार और सिमडेगा समेत विभिन्न क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों में भारी कमी आई है। ऐसे में सुरक्षा संबंधी फंड का आवश्यकता के अनुरूप समायोजन होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा कोष (एसआरई) और विशेष केंद्रीय सहायता को दो वर्षों से रोकने को बदले की भावना से जोड़ना हास्यास्पद है। भाजपा नेता ने राज्य के वित्त मंत्री और सरकार को सलाह दी कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जमीनी हकीकत को स्वीकार करें और अन्य राज्यों में केंद्रीय योजनाओं व फंड आवंटन की वास्तविक स्थिति का भी अध्ययन करें।

