नेपाल की प्राकृतिक आपदा पर बोले रघुवर दास, पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मीडिया से बातचीत के दौरान रघुवर दास ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं केवल किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने नेपाल में प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा।
उन्होंने नेपाल में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने और हालात सामान्य बनाने के लिए लगातार सहयोग कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि राहत कार्यों से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिलेगी।
इस दौरान रघुवर दास ने पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल होनी चाहिए। यदि प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया जाएगा और प्रकृति के साथ लगातार छेड़छाड़ होती रहेगी, तो भविष्य में ऐसी आपदाओं की आवृत्ति और गंभीरता बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जंगलों की कटाई, जल स्रोतों के अत्यधिक दोहन और अनियोजित विकास गतिविधियों के कारण प्रकृति का संतुलन प्रभावित हो रहा है। इसका असर जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आ रहा है।
रघुवर दास ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के साथ संतुलित विकास का मार्ग अपनाना अनिवार्य है।

