राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
नीमडीह थाना क्षेत्र के बरुडीह के सिरुमटोला उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में कथित रूप से बालू के भंडारण और वहां से दिन में वाहनों के जरिए ढुलाई की शिकायत ने बालू कारोबार की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय परिसर का इस्तेमाल वास्तव में बालू के स्टॉक और सप्लाई के लिए किया जा रहा है, तो यह न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से भी सीधा खिलवाड़ है।
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय बालू लाने वाली छोटी-बड़ी गाड़ियों की आवाजाही और दिन में ढुलाई का सिलसिला जारी रहने से इलाके में असहज स्थिति बनी हुई है। विद्यालय परिसर में बच्चों की आवाजाही के बीच भारी वाहनों का संचालन किसी हादसे का कारण बन सकता है। वाहनों के शोर से आसपास के लोगों को भी परेशानी होने की बात कही जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बालू का यह भंडारण वैध है तो विद्यालय परिसर में क्यों और किस अनुमति से किया जा रहा है? और यदि वैध नहीं है, तो इतनी संवेदनशील जगह को कारोबार के लिए इस्तेमाल करने का साहस कौन कर रहा है?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थल का तत्काल निरीक्षण कर बालू के स्रोत, भंडारण, परिवहन और संबंधित अनुमति की जांच कराई जाए। जांच में नियम विरुद्ध गतिविधि सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो तथा विद्यालय परिसर को तत्काल सुरक्षित कराया जाए।

