सीकर/अयोध्या. राजस्थान के सीकर में एसीबी की टीम ने अयोध्या (यूपी) साइबर पुलिस के सब इंस्पेक्टर और 3 कॉन्स्टेबल को 2.80 लाख रुपए रिश्वत लेकर जाते समय पकड़ा. तीनों पुलिसकर्मी साइबर ठगी के आरोपी से घूस लेकर अयोध्या लौट रहे थे. पीडि़त की सूचना पर एसीबी टीम ने मंगलवार को सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को रोक लिया. कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने अपनी कार से एसीबी टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की भी कोशिश की.
सीकर के युवक के खिलाफ आयोध्या साइबर ठगी का मामला दर्ज था. मामले को रफा-दफा करने के लिए 8 लाख रुपए मांगे थे, 4 लाख रुपए पहले ले चुके थे. अयोध्या साइबर पुलिस के सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल गौरव,सोहन और पवन त्रिपाठी 800 किमी दूर से रिश्वत लेने आए थे. एसीबी टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
एसीबी की गाड़ी को टक्कर मारने भागने की कोशिश की
सीकर एसीबी के एसपी विजय सिंह ने बताया- तीनों आरोपी परिवादी से रिश्वत लेने 3 दिन पहले सीकर आए थे. रिश्वत के रुपए लेकर अयोध्या लौट रहे थे. परिवादी की सूचना पर सीकर एसीबी टीम ने पहले से जाल बिछा रखा था. सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे पर रसीदपुरा टोल पर आरोपियों को गाड़ी को रोका. इसके बाद चेकिंग के दौरान उनके पास से रिश्वत के 2.80 लाख रुपए मिले. पूछताछ में तीनों आरोपी रकम के बारे में बता नहीं पाए. तीनों ने एसीबी की गाड़ी को अपनी कार से टक्कर मारकर भागने की कोशिश की. एसीबी टीम ने सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह, कॉन्स्टेबल गौरव,सोहन और पवन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया.
मामले को रफा-दफा करने के लिए मांगी थी रिश्वत
एसपी विजय सिंह ने बताया- सीकर जिले के रहने वाले परिवादी ने एसीबी में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. जिसमें बताया था कि 2024 में उसके खिलाफ अयोध्या के साइबर पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज हुई थी. मामले में पुलिसकर्मी 4 लाख रुपए पहले ले चुके थे. अब केस को रफा-दफा करने के नाम पर चार लाख की डिमांड की. इसके बाद 2.80 लाख रुपए में सेटलमेंट हुआ. आरोपियों ने अधिकारियों तक पैसे पहुंचाने की बात कही.
आरोपी पुलिसकर्मी निलंबित
अयोध्या में साइबर अपराध की जांच के दौरान रिश्वत लेने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने मंगलवार देर शाम यह कार्रवाई की. निलंबित पुलिसकर्मियों में उपनिरीक्षक यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, कांस्टेबल सोहन लाल और कांस्टेबल गौरव शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, चारों साइबर क्राइम थाना अयोध्या में तैनात थे. साइबर अपराध से जुड़े एक मामले की जांच के दौरान इन पर रिश्वत लेने का आरोप लगा था. प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

