मुंबई. ‘पवित्र रिश्ता’ में सविता देशमुख के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री उषा नाडकर्णी ने 80 वर्ष की उम्र में भी काम के प्रति अपने जुनून को बरकरार रखा है. करीब सात दशक लंबे अभिनय सफर के बाद भी उनका कहना है कि वह अभी खुद को रिटायर मानने के लिए तैयार नहीं हैं. हाल ही में एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि वह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड लेने में भी रुचि नहीं रखतीं, क्योंकि उनके लिए ऐसा सम्मान करियर के अंतिम पड़ाव का संकेत हो सकता है, जबकि वह अभी भी लगातार काम करना चाहती हैं.
उषा नाडकर्णी ने साफ शब्दों में कहा कि उम्र बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि कलाकार की काम करने की इच्छा भी खत्म हो जाए. उनका मानना है कि वह अभी भी अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय हैं और आगे भी काम करते रहना चाहती हैं. इसी वजह से वह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को अपने लिए जरूरी नहीं मानतीं. उनके अनुसार कलाकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उसे लगातार काम मिलता रहे और वह अपनी कला के माध्यम से दर्शकों से जुड़ा रहे.
अभिनेत्री ने अपने करियर के शुरुआती और संघर्षपूर्ण दौर को भी याद किया. उन्होंने बताया कि पेशेवर जीवन में कई ऐसी चीजें थीं, जिनके बारे में उन्हें शुरुआत में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने काम से जुड़े फैसले खुद लेने की कोशिश की. उन्होंने अपने काम के लिए अलग से प्रबंधन या जनसंपर्क टीम रखने की जरूरत महसूस नहीं की. उनका मानना रहा कि अगर कलाकार मेहनत और ईमानदारी से काम करता है तो उसका काम ही उसकी पहचान बन जाता है और अच्छे अवसर अपने आप उसके पास आते हैं.
उषा नाडकर्णी ने अपने काम करने के तरीके को लेकर भी कई दिलचस्प बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी शूटिंग के दौरान विशेष सुविधाओं की मांग नहीं की. यहां तक कि उन्होंने सेट पर वैनिटी वैन को लेकर भी कभी ज्यादा आग्रह नहीं किया. एक बार उन्हें जो वैनिटी वैन उपलब्ध कराई गई थी, उसमें वातानुकूलन ठीक से काम नहीं कर रहा था और दरवाजे की कुंडी भी खराब थी. इसके बावजूद उन्होंने इसे बड़ी समस्या नहीं बनाया और अपने काम पर ध्यान दिया.
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय कलाकारों के लिए आज जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं. कई कलाकार टिन के शेड या टेंपो में कपड़े बदलकर भी शूटिंग किया करते थे. उनके अनुसार उस दौर के कलाकार परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल लेते थे और काम को प्राथमिकता देते थे. यही सोच उषा नाडकर्णी के लंबे करियर में भी दिखाई देती है.
अभिनेत्री ने अपने आर्थिक संघर्षों को भी याद किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना पहला घर 70 वर्ष की उम्र में खरीदा. इतनी देर से घर खरीदने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कर्ज लेने से डर लगता था. उन्हें हमेशा यह चिंता रहती थी कि यदि उन्होंने कर्ज लिया और उनके साथ कुछ अनहोनी हो गई तो उनके पीछे कर्ज रह जाएगा. इसके अलावा मराठी मनोरंजन जगत में पारिश्रमिक अपेक्षाकृत कम होने और हिंदी टेलीविजन में भी कई बार कम भुगतान मिलने के कारण उनके लिए अपना घर खरीदना आसान नहीं था.
उषा नाडकर्णी ने बताया कि मनोरंजन जगत में उनकी पहली कमाई महज 25 रुपये थी. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और थिएटर, मराठी फिल्मों, हिंदी फिल्मों तथा टेलीविजन में लगातार काम किया. उनके करियर में कई यादगार किरदार आए, लेकिन ‘पवित्र रिश्ता’ की सविता देशमुख ने उन्हें देशभर में खास पहचान दिलाई. इस धारावाहिक में उनके सख्त और प्रभावशाली किरदार को दर्शकों ने लंबे समय तक याद रखा.
उनका अभिनय सफर केवल फिल्मों और टेलीविजन तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने रंगमंच पर भी काम किया और अलग-अलग माध्यमों में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया. 2018 में वह मराठी के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ का हिस्सा बनीं और 2025 में पाक-कला आधारित रियलिटी कार्यक्रम में भी नजर आईं. उम्र के इस पड़ाव पर भी लगातार नए काम का हिस्सा बनना उनके सक्रिय और जुझारू व्यक्तित्व को दर्शाता है.
उषा नाडकर्णी की सोच उनके लंबे करियर से भी साफ दिखाई देती है. उन्होंने अपने पेशे को केवल नौकरी या कमाई का साधन नहीं माना, बल्कि अभिनय को अपने जीवन का अहम हिस्सा बनाया. यही वजह है कि 80 वर्ष की उम्र में भी वह खुद को करियर के अंतिम पड़ाव पर नहीं देखतीं. उनके लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से ज्यादा जरूरी है कि काम करने का सिलसिला जारी रहे.
उषा नाडकर्णी का यह नजरिया मनोरंजन जगत में उम्र को लेकर बनी आम धारणा को भी चुनौती देता है. उनका मानना है कि कलाकार की उम्र बढ़ सकती है, लेकिन उसकी रचनात्मक ऊर्जा और काम करने की इच्छा जरूरी नहीं कि कम हो. यही कारण है कि वह सम्मान लेकर बैठ जाने के बजाय कैमरे और मंच के सामने सक्रिय रहना पसंद करती हैं. उनका करीब सात दशक का सफर इस बात का उदाहरण है कि लगातार मेहनत और अपने काम के प्रति लगाव किसी कलाकार को लंबे समय तक दर्शकों के बीच बनाए रख सकता है.

