पार्षद एकता मंच के द्वारा आज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अपर नगर आयुक्त को एक मांग पत्र सोपा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: नगर निगम क्षेत्र के पार्षदों ने नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने की मांग करते हुए विभिन्न मुद्दों पर 10 सूत्री मांगपत्र तैयार किया है। इन मांगों में वार्डों के समुचित विकास, सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और पार्षदों की भूमिका को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
पार्षदों ने मांग की है कि नगर निगम कार्यालय में सभी निर्वाचित पार्षदों के लिए सम्मानजनक एवं समुचित बैठने की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। साथ ही किसी भी वार्ड से जुड़ी जनसमस्याओं या नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का संबंधित अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाए।

सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पार्षदों ने सुझाव दिया है कि टेंडर के बाद प्रत्येक वार्ड में कार्यरत सफाई कर्मियों की सूची संबंधित वार्ड पार्षद को उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा ठेकेदार या एजेंसी का सुपरवाइजर प्रतिदिन किए गए सफाई कार्य एवं कर्मियों की उपस्थिति का सत्यापन संबंधित पार्षद से कराए और सत्यापन के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए।
मांगपत्र में यह भी कहा गया है कि नगर निगम की बोर्ड बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए, ताकि वार्डों की समस्याओं, विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर समयबद्ध चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जा सकें। प्रत्येक वार्ड के लिए सफाई एजेंसी का एक जिम्मेदार सुपरवाइजर नियुक्त करने तथा सफाई और कचरा उठाव जैसे कार्यों की प्राथमिकता संबंधित पार्षद के सुझावों के आधार पर तय करने की भी मांग की गई है।
पार्षदों ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में उत्पन्न होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए और ऐसी स्थिति में निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके अलावा झारखंड नगरपालिका अधिनियम के तहत सभी वार्डों में शीघ्र वार्ड समितियों का गठन करने, निगम के सामुदायिक भवनों को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें वार्ड कार्यालय के रूप में उपयोग करने की अनुमति देने, सशक्त स्थायी समिति एवं जोनल समितियों का गठन कर उनमें पार्षदों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सभी वार्डों के लिए समान और पारदर्शी तरीके से वार्ड विकास फंड आवंटित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
पार्षदों का कहना है कि इन मांगों के लागू होने से नगर निगम की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी, वार्ड स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

