लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एक बार फिर जनहित में त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश करते हुए कदमा क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप किया है। यह मामला जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (अक्षेस) के अंतर्गत आने वाले कदमा इलाके का है, जहां लंबे समय से सफाई कर्मचारी ठेकेदार द्वारा कम मानदेय दिए जाने की शिकायत कर रहे थे।
सरयू राय का त्वरित हस्तक्षेप
जमशेदपुर। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (अक्षेस) के अंतर्गत कदमा क्षेत्र के सफाई कर्मचारी शुक्रवार को अपनी समस्याओं को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय से उनके बिष्टुपुर स्थित आवास पर मिले।
कर्मचारियों ने विधायक को बताया कि संवेदक (ठेकेदार) द्वारा उन्हें निर्धारित मानदेय से कम भुगतान किया जा रहा है, जबकि उनसे पूरा कार्य लिया जाता है।
सफाई कर्मचारियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक सरयू राय ने तत्काल जमशेदपुर अक्षेस के नगर आयुक्त से दूरभाष पर बातचीत की।
उन्होंने नगर आयुक्त से मामले की जांच कराकर सभी सफाई कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय का पूरा भुगतान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
नगर आयुक्त ने विधायक को आश्वस्त किया कि सफाई कर्मचारियों को निर्धारित मानदेय का पूर्ण भुगतान कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी संवेदक द्वारा तय राशि से कम भुगतान किया जा रहा है, तो यह नियमों के विरुद्ध है और संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने राहत जताई और समस्या के त्वरित समाधान के लिए विधायक सरयू राय के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर असंगठित मजदूर प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि अमित शर्मा, जदयू युवा मोर्चा के अध्यक्ष नीरज सिंह सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
श्रमिकों के अधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों की रक्षा में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित किया है। सरयू राय की पहल पर नगर आयुक्त द्वारा दिए गए आश्वासन से न केवल कदमा के सफाई कर्मचारियों को राहत मिली है, बल्कि अन्य संवेदकों को भी यह स्पष्ट संदेश गया है कि श्रम कानूनों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। झारखंड सरकार की श्रम नीतियों के अनुसार, हर कर्मचारी को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत निर्धारित मानदेय प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं।
भविष्य के लिए निगरानी तंत्र जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक सशक्त निगरानी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है। अक्षेस प्रशासन को चाहिए कि वह ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे भुगतान का नियमित ऑडिट कराए। साथ ही, सफाई कर्मचारियों के लिए एक शिकायत निवारण पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकें। सरयू राय ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले की प्रगति पर नजर रखेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हर कर्मचारी को उसका पूरा हक मिले।

