सदर अस्पताल लापरवाही से प्रसूता की मौत, सड़क जाम पर हंगामा
राष्ट्र संवाद संवादाता
जामताड़ा सदर अस्पताल से रेफर प्रसूता की रास्ते में मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप, अस्पताल में हंगामा कर मुख्य सड़क जाम की
जामताड़ा। जामताड़ा सदर अस्पताल में गुरुवार को प्रसव के लिए भर्ती कराई गई एक प्रसूता की रेफर किए जाने के बाद रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की तथा बाद में जामताड़ा बाजार–श्रीरामपुर समाहरणालय मुख्य मार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था।
मृतका की पहचान जामताड़ा नगर के सरकार बांध निवासी रीना देवी (34 वर्ष), पति कन्हैया रवानी, के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गुरुवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर रीना देवी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एएनएम ने शुरुआत में आश्वस्त किया कि सामान्य प्रसव हो जाएगा और चिंता की कोई बात नहीं है। इसी दौरान बाहर के निजी मेडिकल स्टोर से प्रसव संबंधी दवा मंगवाई गई।
परिजनों का कहना है कि काफी देर तक प्रसव नहीं होने पर जब उन्होंने बार-बार स्थिति के बारे में पूछा तो उन्हें लगातार आश्वस्त किया जाता रहा। आरोप है कि जब प्रसूता की हालत गंभीर हो गई, तब आनन-फानन में उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। हालांकि अस्पताल से ले जाने के दौरान रास्ते में ही रीना देवी की मौत हो गई।
प्रसूता की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे। उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा संबंधित डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। इस दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद ड्यूटी पर मौजूद एएनएम सहित अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मी मौके से चले गए।
घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जामताड़ा बाजार से श्रीरामपुर समाहरणालय मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।
मृतका के पति कन्हैया रवानी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित इलाज और रेफर किया जाता तो उनकी पत्नी की जान बच सकती थी। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इधर, मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद ने बताया कि अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार महिला को सुबह 9:45 बजे भर्ती किया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद करीब 12:00 बजे उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि उस समय ड्यूटी पर डॉ. स्वीटी कुमारी तैनात थीं। परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच के लिए एक जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच में यदि किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही अथवा आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस स्थिति को सामान्य बनाने में जुटी है। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम और प्रदर्शन जारी था।

