जमशेदपुर: गंदे और बदबूदार पानी से परेशान बस्तीवासियों ने टाटा वाटर प्लांट का किया घेराव, एक सप्ताह में समाधान का मिला आश्वासन
राष्ट्र संवाद संवादाता
जमशेदपुर के बर्मामाइंस क्षेत्र स्थित ईस्ट प्लांट बस्ती, विनोबा आश्रम, धोबी घाट और चुनाभट्टा के बड़ी संख्या में बस्तीवासी मंगलवार को टाटा कंपनी के बर्मामाइंस स्थित वाटर प्लांट पहुंचे और पेयजल की बदहाल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के समक्ष जोरदार विरोध दर्ज कराया। लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इलाके में सप्लाई होने वाले पानी में गंदगी और बदबू की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा नियमित जलापूर्ति भी प्रभावित है और रोजाना 3 से 4 घंटे की देरी से पानी मिलने के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जबकि समय पर पानी नहीं मिलने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस्तीवासियों ने अधिकारियों से मांग की कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और समस्या का स्थायी समाधान जल्द किया जाए।
शिकायत सुनने के बाद वाटर प्लांट के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, बस्तीवासियों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर गंदे पानी और अनियमित जलापूर्ति की समस्या दूर नहीं हुई, तो क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रबंधन की होगी।

