लेखक: धीरज कुमार सिंह
*जमशेदपुर:* जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में बीते दो वर्षों में एक चाय विक्रेता की जीवनशैली और संपत्ति में आए अचानक बदलाव ने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मामला जादूगोड़ा के रमेश दास से जुड़ा है, जो कभी ट्रेन में चाय बेचकर रोजी-रोटी चलाते थे, लेकिन अब सुंदर नगर में बड़ी दुकान, जमीनें और कई मकानों के मालिक बताए जा रहे हैं। वही यह भी चर्चा है कि हाता में भी एक बड़ी दुकान खोलने की तैयारी चल रही है। यह मामला एक ‘चाय वाला करोड़पति’ की कहानी बनकर सामने आया है, जिस पर कई सवाल उठ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार रमेश दास पिछले लगभग 30 वर्षों से ट्रेनों में चाय बेचने का काम कर रहे थे। उनका कहना है कि इससे उन्हें रोजाना 700 से 800 रुपये की आमदनी होती थी। लेकिन पिछले दो सालों में उनकी आर्थिक स्थिति में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने सूरतनगर क्षेत्र में महंगी जमीनें खरीदीं, एक बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान “SOUMI ELECTRONICS” खोली और साथ ही कई मकानों का निर्माण भी कराया। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कमाई चाय बेचकर संभव नहीं लगती। इसी को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
भाजपा नेता ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले को लेकर भाजपा नेता रोहित सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला प्रशासन से रमेश दास की संपत्ति की गहन जांच कराने की मांग की है। रोहित सिंह का कहना है कि “30 साल से ट्रेन में चाय बेचने वाला व्यक्ति अचानक करोड़ों की संपत्ति कैसे बना लेता है, यह जांच का विषय है। कहीं न कहीं काले धन या अवैध कारोबार से जुड़े तार इससे जुड़े हो सकते हैं।” इस मामले को लेकर इन्होंने सीबीआई, ईडी समेत कई जगह लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में अक्सर शिकायतों को पैसे देकर दबा दिया जाता है। इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अधिक जानकारी के लिए, आप भारतीय न्याय प्रणाली और भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों पर यहां पढ़ सकते हैं।
रमेश दास ने दी सफाई
आरोपों के बीच रमेश दास ने खुद को बेकसूर बताया है। उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं। चाय बेचने के साथ-साथ अब उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार भी शुरू किया है जिससे आमदनी बढ़ी है। उन्होंने किसी भी अवैध कमाई से साफ इनकार किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी मेरे खिलाफ लिखेगा मैं उस पर कैस करूंगा।
प्रशासन का रुख
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से रमेश दास की आय के स्रोत, संपत्ति के खरीद-बिक्री के दस्तावेज और बैंक लेनदेन की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इलाके में चर्चा: ‘चाय वाला करोड़पति’ पर सबकी नज़र
इस खबर के बाद जादूगोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यह चर्चा आम है कि आखिर इतनी कम समय में इतनी बड़ी संपत्ति कैसे बनी। कुछ लोग रमेश दास की मेहनत को वजह मान रहे हैं, तो कुछ लोग जांच की मांग को सही ठहरा रहे हैं। अब सबकी नजरें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह मेहनत का नतीजा है या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है।

