लेखक: राष्ट्र संवाद संवादाता
जमशेदपुर। जमशेदपुर बंद के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर टेल्को थाना में दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष समीक्षा, निराधार धाराओं को हटाने और शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में गुरुवार को पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की और ज्ञापन सौंपा। यह बैठक विशेष रूप से हाल ही में हुए जमशेदपुर बंद के बाद उत्पन्न हुई स्थिति और भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज की गई **टेल्को थाना प्राथमिकी** के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने बंद को लेकर दर्ज की गई प्राथमिकी पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई और न्यायोचित समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने वरीय पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया कि शहर में बढ़ते अपराध, बिगड़ती कानून-व्यवस्था एवं बिष्टुपुर में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने 3 जुलाई को लोकतांत्रिक एवं पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से जमशेदपुर बंद का आह्वान किया था। इस बंद को शहर के व्यापारियों, आम नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला और अधिकांश प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। बंद का उद्देश्य प्रशासन का ध्यान शहर की गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति की ओर आकर्षित करना था, जिसके कारण नागरिकों में भय का माहौल व्याप्त है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने, कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने एवं नागरिकों में सुरक्षा का वातावरण स्थापित करने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि जनता की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस मोर्चे पर किसी भी प्रकार की ढिलाई अस्वीकार्य है।
टेल्को थाना प्राथमिकी: निराधार आरोपों की समीक्षा की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि बंद के उपरांत जमशेदपुर अक्षेस के एक पदाधिकारी की शिकायत पर टेल्को थाना में टेल्को मंडल अध्यक्ष, घोड़ाबांधा मंडल अध्यक्ष, जिला महामंत्री, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष, पूर्व जिला पदाधिकारी सहित 18 भाजपा नेताओं एवं अन्य अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि प्राथमिकी में लगाए गए गंभीर आरोप तथ्यों से परे और निराधार हैं। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान ऐसी किसी कोई घटना कहीं नहीं घटी और न ही किसी मीडिया रिपोर्ट अथवा प्रशासनिक जानकारी में उल्लेख मिला। इसलिए निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ जांच कर सत्य को सामने लाना आवश्यक है। यह आरोप लगाया गया कि यह प्राथमिकी राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हो सकती है और इसका उद्देश्य भाजपा कार्यकर्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलना है।
मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान सम्मत शांतिपूर्ण जनआंदोलनों में विश्वास रखने वाली पार्टी है। जनता की सुरक्षा और शहर में लगातार बढ़ते अपराधों के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना किसी भी नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। परंतु, दुर्भावनावश भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का प्रयास किया गया है। सिन्हा ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया और कहा कि यह स्वस्थ लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी प्रकार की हिंसा, अराजकता या कानून हाथ में लेने का समर्थन नहीं करती। भाजपा एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के रूप में हमेशा कानून का पालन करती है और अपने कार्यकर्ताओं से भी यही अपेक्षा रखती है। उन्होंने मांग किया है कि टेल्को थाना में दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष समीक्षा कर निराधार धाराओं को हटाया जाए और निर्दोष लोगों को न्याय दिया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वरीय पुलिस अधीक्षक इस पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर न्यायोचित निर्णय लेंगे। वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह आश्वासन भाजपा नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे उन्हें उम्मीद है कि उनके कार्यकर्ताओं को न्याय मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, पोटका की पूर्व विधायक मेनका सरदार, पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, रामबाबू तिवारी, चंद्रशेखर मिश्रा, बिनोद सिंह, सुधांशु ओझा, जिला पदाधिकारी संजीव सिंह, प्रदीप महतो, बबुआ सिंह, रूबी झा, राजीव सिंह, तन्मय झा, रीना चौधरी, संजीत चौरसिया, और प्रेम झा मौजूद रहे। यह विस्तृत प्रतिनिधिमंडल भाजपा की इस मुद्दे पर गंभीरता को दर्शाता है और यह भी इंगित करता है कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है। इस घटनाक्रम पर शहर की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों पर निकट से नजर रखी जा रही है।

