बाबा कान्हाईश्वर की पावन पहाड़ पूजा हमारी सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्था और सामाजिक समरसता का महान पर्व है : सांसद श्री बिद्युत बरण महतो
राष्ट्र संवाद संवादाता
चाकुलिया प्रखंड के जयनगर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र बाबा कान्हाईश्वर की पावन पहाड़ पूजा के शुभ अवसर पर जमशेदपुर के सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने समस्त श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों एवं देश-विदेश में रह रहे बाबा कान्हाईश्वर के भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित की हैं।
अपने शुभकामना संदेश में सांसद श्री महतो ने कहा कि बाबा कान्हाईश्वर की पावन पहाड़ पूजा सदियों से इस क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और लोक जीवन का अभिन्न अंग रही है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुँचकर पूजा-अर्चना करते हैं तथा परिवार, समाज और राष्ट्र के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन परंपराएँ हमें प्रेम, सद्भाव, सेवा, त्याग और मानवता का संदेश देती हैं। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सदैव संकल्पित रहना चाहिए।
सांसद श्री महतो ने कहा कि झारखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध बनाने में बाबा कान्हाईश्वर धाम का विशेष महत्व है। यह पावन स्थल वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र रहा है और क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना को निरंतर सशक्त करता रहा है। बाबा की महिमा और आशीर्वाद से समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और विकास की भावना निरंतर प्रबल होती रहे, यही हमारी कामना है।
उन्होंने बाबा कान्हाईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी असीम कृपा से प्रत्येक परिवार सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध हो, किसानों की खेती लहलहाए, युवाओं को उज्ज्वल भविष्य प्राप्त हो, मातृशक्ति का सम्मान बढ़े तथा समूचा क्षेत्र विकास, शांति और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करे।
अंत में सांसद श्री बिद्युत बरण महतो ने पहाड़ पूजा के सफल, भव्य एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए आयोजन समिति, स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवकों तथा सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ देते हुए सभी से श्रद्धा, अनुशासन, स्वच्छता एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में इस पावन पर्व को मनाने का आग्रह किया।

