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    Home » मोहर्रम पर ऐतिहासिक सफलता: उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था की मिसाल
    Headlines संपादकीय

    मोहर्रम पर ऐतिहासिक सफलता: उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था की मिसाल

    Devanand SinghBy Devanand SinghJune 29, 2026No Comments3 Mins Read
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    उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था
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    लेखक: देवानंद सिंह

    मोहर्रम के अवसर पर उत्तर प्रदेश में लगभग 12 हजार ताजिया जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न होने का दावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था की प्रभावी स्थिति को दर्शाती है। यदि इतने बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन बिना किसी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू के संपन्न हुए हैं, तो यह प्रशासनिक तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों के सहयोग का सकारात्मक संकेत माना जाना चाहिए। किसी भी लोकतांत्रिक समाज में त्योहारों का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना होता है, न कि तनाव और टकराव का कारण बनना। [INTERNAL_LINK_HOLDER]

    सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिक अधिकारों का संतुलन

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अब गरीबों के मकान या झोपड़ियां हटाकर ताजिया के रास्ते नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर ताजिया की ऊंचाई कम की जाएगी। यह दृष्टिकोण सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है। धार्मिक आस्था का सम्मान आवश्यक है, लेकिन उससे किसी अन्य नागरिक के अधिकार या सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

    उत्तर प्रदेश में शांति व्यवस्था: सुशासन की कसौटी

    हालांकि, इस अवसर पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था की तुलना वर्तमान स्थिति से की और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। लोकतंत्र में सरकारें अपनी उपलब्धियां बताने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था का मूल्यांकन केवल राजनीतिक दावों से नहीं, बल्कि निष्पक्ष आंकड़ों, न्यायिक प्रक्रियाओं और नागरिकों के अनुभवों के आधार पर भी होना चाहिए।

    सांप्रदायिक सद्भाव की सामूहिक जिम्मेदारी

    यह भी याद रखना होगा कि सांप्रदायिक सद्भाव केवल पुलिस बल की मौजूदगी से कायम नहीं रहता। इसके लिए समाज के सभी वर्गों, धार्मिक संगठनों, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी होती है। जब संवाद, संयम और संवेदनशीलता के साथ प्रशासन काम करता है, तब बड़े से बड़े आयोजन भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सुशासन के प्रयासों की जानकारी उपलब्ध है।

    स्थायी शांति और राज्य का विकास

    उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और विविधतापूर्ण राज्य में शांति बनाए रखना निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती है। यदि हर त्योहार बिना किसी तनाव के संपन्न होता है, तो इसका लाभ केवल सरकार को नहीं, बल्कि पूरे समाज और राज्य के विकास को मिलता है। निवेश, रोजगार और सामाजिक विश्वास का आधार भी सुरक्षित और शांत वातावरण ही होता है।

    आवश्यकता इस बात की है कि यह शांति किसी एक पर्व या अवसर तक सीमित न रहे, बल्कि शासन की स्थायी संस्कृति बने। जब हर नागरिक, चाहे उसका धर्म, जाति या वर्ग कोई भी हो, समान सुरक्षा, सम्मान और न्याय का अनुभव करे, तभी सुशासन का वास्तविक उद्देश्य पूरा माना जाएगा। यही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता होगी।

    उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था मोहर्रम योगी आदित्यनाथ सुशासन
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