संविधान हत्या दिवस नई पीढ़ी को लोकतंत्र का मूल्य समझाएगा: राम बहादुर राय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नई दिल्ली: आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर भारत सरकार द्वारा मनाए जा रहे ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता एवं आईजीएनसीए अध्यक्ष राम बहादुर राय ने आपातकाल के दौरान जेल में बिताए अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह दिन नई पीढ़ी को लोकतंत्र, संविधान और नागरिक स्वतंत्रताओं के महत्व से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि गुजरात नव निर्माण आंदोलन, बिहार छात्र आंदोलन और आपातकाल ने विपक्षी दलों को एकजुट किया। साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि अनेक स्वयंसेवकों ने भूमिगत रहकर लोकतांत्रिक आंदोलन को संगठित रखा।
कार्यक्रम में चिंतक के. एन. गोविंदाचार्य ने भी लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा पर जोर दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अजय सेतिया की पुस्तक ‘इमरजेंसी की अनसुनी कहानियाँ’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्वानों, पत्रकारों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

