ग्रेटर नोएडा में शिवानी फाउंडेशन का विशेष कार्यक्रम
राष्ट्र संवाद संवादाता
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन के उद्देश्य से प्रमाणपत्र एवं सिलाई मशीन का वितरण
मनीषा शर्मा
ग्रेटर नोएडा:
ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित चौहानपुर खादर के ‘शिवानी फाउंडेशन केंद्र’ में कल (14 जून, रविवार) एक सफल प्रमाणपत्र वितरण समारोह संपन्न हुआ। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से फाउंडेशन द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समापन के अवसर पर इस विशेष सतत विकास कार्यक्रम (सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम) का आयोजन किया गया था।
इस कार्यक्रम में दनकौर के समीपवर्ती दाईरिन गुजरान गांव के सिलाई केंद्र से छह महीने का पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 6 होनहार युवतियों— निशा, मोनिका, तन्नू, ललिता, शिवानी और श्रेयांश को फाउंडेशन की ओर से औपचारिक रूप से प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। केवल प्रमाणपत्र ही नहीं, बल्कि भविष्य में वे अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबी बन सकें, इसके लिए इन छह युवतियों में से प्रत्येक को एक-एक ‘सिंगर’ सिलाई मशीन भी उपहार स्वरूप दी गई। इसके अतिरिक्त, अन्य 25 महिलाओं को तीन महीने के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने का प्रमाणपत्र वितरित किया गया।
प्रमाणपत्र वितरण के साथ-साथ समाज में महिला स्वास्थ्य जागरूकता को प्राथमिकता देते हुए फाउंडेशन की सक्रिय सदस्या प्रोफेसर पारुल सक्सेना ने महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और विशेष रूप से मासिक धर्म (ऋतुस्राव) के समय बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में एक अत्यंत संवेदनशील एवं ज्ञानवर्धक वक्तव्य दिया। इस जागरूकता सत्र के अंत में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं के बीच फाउंडेशन की ओर से निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर सम्मानित अतिथि एवं फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के रूप में— डॉ. पारुल सक्सेना, प्रोफेसर सर्वेश चंद्र,
प्रोफेसर शिवराम खारा, एनटीपीसी के पूर्व महाप्रबंधक श्रीमान श्रीवास्तव, बर्नाली खारा, डॉ. राजश्री, मिस टीना, मिस ए. भानुमती और मिस दीपा चंद्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों के लिए अल्पाहार (स्नैक्स) की सुंदर व्यवस्था की गई थी। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने में मदद करने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में शिवानी फाउंडेशन के इस प्रयास की स्थानीय निवासियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

