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    30 साल में 24 विस्थापितों की मौत, चाटी कोचा के ग्रामीणों ने यूसील पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJune 16, 2026No Comments2 Mins Read
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    30 साल में 24 विस्थापितों की मौत, चाटी कोचा के ग्रामीणों ने यूसील पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जादूगोड़ा: यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) की ओर से पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार के वादे पूरे नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए चाटी कोचा के विस्थापितों ने गहरी नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि 1996 में विस्थापन के दौरान किए गए वादों पर आज तक अमल नहीं हुआ, जबकि न्याय की आस में 30 वर्षों के दौरान 24 विस्थापितों का निधन हो चुका है।

    विस्थापितों के अनुसार, यूसील ने जमीन अधिग्रहण के समय प्रत्येक परिवार को जमीन के बदले जमीन, आवास और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया था। लेकिन तीन दशक बीत जाने के बावजूद अधिकांश परिवार पुनर्वास और मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई वास्तविक हकदार प्रशासनिक लापरवाही के कारण लाभ से वंचित रह गए।

    चाटी कोचा विस्थापित समिति के अध्यक्ष एवं ग्राम प्रधान मेघराय सोरेन ने कहा कि न्याय की प्रतीक्षा करते-करते 24 लोग स्वर्ग सिधार चुके हैं। उन्होंने यूसील प्रबंधन को जनवरी 2027 तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला तो आंदोलन उग्र रूप लेगा और इसकी जिम्मेदारी यूसील प्रबंधन की होगी।

    वहीं, विस्थापित समिति के पूर्व सचिव भीम चंद हांसदा के भी न्याय की आस में निधन होने का उल्लेख करते हुए ग्रामीणों ने मामले के शीघ्र समाधान की मांग की है।

    इस संबंध में यूसील के डीजीएम (पर्सनल) राकेश कुमार ने कहा कि कंपनी की प्राथमिकता विस्थापितों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित करना है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासनों से अधिक ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।

    ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर और कितनी मौतों के बाद विस्थापितों को न्याय मिलेगा।

    30 साल में 24 विस्थापितों की मौत चाटी कोचा के ग्रामीणों ने यूसील पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप
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