बेगूससराय में तीन थानाध्यक्षों की मौत के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
एनएच-31 पर खड़े वाहन बन रहा है खतरा शबब
बेगूसराय बलिया से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
बलिया. गुरुवार की देर रात साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के बखड्डा स्थित एनएच-31 पर हुये भीषण सड़क हादसे में मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों और उनके चालक की मौत के बाद भी स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर नहीं आ रहा है. हादसे के कई दिन बीत जाने के बावजूद बलिया से साहेबपुर कमाल तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर शाम ढलते ही बड़े वाहनों के सड़क किनारे खड़े होने का सिलसिला जारी है. जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है.
स्थानीय लोगों के अनुसार एनएच-31 पर कई स्थानों पर ट्रक पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद अधिकांश ट्रक चालक सड़क किनारे पेट्रोल पंपों और लाईन होटलों के पास वाहन खड़ा कर आराम करते हैं. इससे रात के समय गुजरने वाले छोटे और चार पहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार तेज गति से आने वाले वाहन खड़े ट्रकों से टकरा जाते हैं. जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं. लोगों का कहना है कि नियमित गश्ती के बावजूद पुलिस द्वारा सड़क किनारे खड़े वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
गौरतलब है कि गुरुवार की रात पटना से सीआईडी प्रशिक्षण लेकर लौट रहे मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, बेकरी थानाध्यक्ष नीरज कुमार, रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान तथा चालक ज्योतिष कुमार ब्रेजा कार से मधेपुरा जा रहे थे. इसी दौरान साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के बखड्डा स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक में उनकी कार पीछे से जा टकराई.
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार ट्रक के नीचे घुस गयी और चारों की मौके पर ही मौत हो गयी. इस दर्दनाक घटना के बाद भी यदि एनएच-31 पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गयी तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराये जा सकते हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर रोक लगाने की मांग की है. ताकि ऐसे हादसे की पुर्नावृति ना हो सके.

