जादूगोड़ा औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों की रफ्तार थमी, 218 एकड़ भूमि आवंटन के बाद भी रोजगार का सपना अधूरा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) द्वारा उद्योग स्थापना के लिए आवंटित जमीन पर वर्षों बाद भी कई इकाइयों में उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। कई प्लॉट खाली पड़े हैं, जबकि कुछ स्थानों पर केवल बाउंड्री वॉल बनाकर छोड़ दिया गया है। वहीं, जादूगोड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीएस फ्रेश जूस प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री भी पिछले आठ माह से बंद पड़ी है, जिससे दर्जनों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 से 2022 के बीच जियाडा ने क्षेत्र में 21 उद्योगपतियों को 218.62 एकड़ भूमि आवंटित की थी। शर्त थी कि निर्धारित समय के भीतर उत्पादन शुरू किया जाएगा, लेकिन करीब नौ वर्ष बाद भी अधिकांश परियोजनाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि 60 प्रतिशत से अधिक प्लॉटों पर अब तक उद्योग स्थापित नहीं हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग और रोजगार के नाम पर किसानों से जमीन ली गई, लेकिन न तो रोजगार मिला और न ही क्षेत्र का अपेक्षित विकास हो सका। बंद पड़ी इकाइयों और खाली पड़े प्लॉटों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कुछ स्थानों पर प्रदूषण फैलाने और भूमि के दुरुपयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं।
उद्यमियों का कहना है कि बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव तथा वित्तीय कठिनाइयों के कारण कई परियोजनाएं शुरू नहीं हो सकीं। कुछ मामलों में विवाद न्यायालय तक पहुंच चुके हैं और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन विधायक रामदास सोरेन ने 2 फरवरी 2023 को एक साथ 18 औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास किया था। अब उनके पुत्र एवं वर्तमान विधायक सोमेश सोरेन ने मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
क्या बोले जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक प्रेम रंजन
जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक प्रेम रंजन ने बताया कि निर्धारित समय में उत्पादन शुरू नहीं करने वाले आवंटियों को नोटिस भेजा जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आवंटन रद्द कर जमीन वापस ली जाएगी। बंद पड़ी जूस फैक्ट्री के मामले की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ मामले वर्तमान में हाईकोर्ट में भी लंबित हैं।

