लेखक: अजय चौहान
नई दिल्ली: सीबीएसई पोर्टल में हाल ही में आई तकनीकी गड़बड़ियों की जांच के लिए आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर की संयुक्त विशेषज्ञ टीम सक्रिय हो गई है। आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि ने बताया कि पोर्टल पिछले 72 घंटे से अधिक समय से स्थिर बना हुआ है, जबकि टीम विफलताओं के कारणों की गहन जांच कर रही है।
कामकोटि के अनुसार, जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि समस्या तकनीकी खामी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में कमी, पेमेंट गेटवे फेल होने या संभावित साइबर हमले के कारण हुई। हाल के दिनों में छात्रों ने भुगतान विफल होने और उत्तर पुस्तिकाओं के अपलोड में गड़बड़ी की शिकायतें की थीं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय टीम में आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम वेबसाइट का पूर्ण परीक्षण कर रही है और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो, इसके लिए मजबूत तकनीकी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है।
कामकोटि ने कहा कि सीबीएसई की ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OMS) प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अच्छा प्रयास है, जिससे छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाएं देख सकते हैं और अंक कटने के कारण समझ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि पेमेंट प्रोसेसिंग और पोर्टल के बीच समन्वय में कहीं न कहीं समस्या सामने आई है।
उत्तर पुस्तिकाओं के धुंधले दिखने और लिखावट मेल नहीं खाने की शिकायतों पर उन्होंने कहा कि टीम अभी उस स्तर की जांच तक नहीं पहुंची है। फिलहाल प्राथमिकता तकनीकी विफलता के मूल कारणों का पता लगाना है।
