मुंबई में ईद का त्योहार पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। ठाणे, पालघर और भिवंडी की मस्जिदों में उमड़ी भीड़ और भाईचारे की शानदार झलक यहाँ पढ़ें।
मुंबई (इंद्र यादव) पूरे एक महीने के पवित्र रमजान के उपवास (रोज़ों) के बाद, शनिवार को मुंबई, ठाणे, पालघर और भिवंडी में ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। आसमान में जैसे ही ईद का चांद दिखा, चारों तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। मस्जिदों में नमाज अदा करने के साथ-साथ लोगों ने एक-दूसरे के गले लगकर ‘ईद मुबारक’ कहा और देश में शांति की दुआ माँगी।
मुंबई: मायानगरी में दिखा मिनी इंडिया
मुंबई की सड़कों पर सुबह से ही अलग ही चमक थी। सफेद कुर्ते-पाजामे और रंगीन टोपियों में सजे लोग मस्जिदों की ओर जाते दिखे।
दक्षिण मुंबई: मोहम्मद अली रोड और मीनार मस्जिद के पास इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की जगह नहीं थी। यहाँ नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाया।
आजाद मैदान: यहाँ हजारों की संख्या में लोगों ने एक साथ नमाज पढ़ी, जो एकता का प्रतीक था।
बांद्रा और कुर्ला: यहाँ के बाजारों में दोपहर के बाद भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ लोग परिवार के साथ खरीदारी और खान-पान का आनंद लेते दिखे।
ठाणे और भिवंडी: गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
ठाणे जिले में ईद का त्योहार मिलजुलकर मनाने की परंपरा इस बार भी कायम रही।
भिवंडी: इस शहर में ईद की रौनक सबसे अलग होती है। यहाँ की ईदगाहों में सुबह-सुबह हजारों लोग जुटे। भिवंडी की खासियत यह रही कि यहाँ कई जगहों पर हिंदू भाइयों ने नमाजियों के लिए ठंडे पानी और शरबत के स्टाल लगाए थे, जो भारत की साझी संस्कृति को दर्शाता है।
ठाणे शहर: कलवा, मुंब्रा और वागले एस्टेट जैसे इलाकों में मस्जिदों को खूबसूरत लाइटों से सजाया गया था।
पालघर: गाँव से शहर तक खुशी का माहौल
पालघर जिले के शहरी इलाकों जैसे वसई-विरार और नालासोपारा के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी ईद बहुत
सादगी और प्रेम से मनाई गई।
मजदूरों और किसानों ने भी अपने काम से छुट्टी लेकर परिवार के साथ समय बिताया।
बच्चों में ईद को लेकर सबसे ज्यादा उत्साह था, जो अपनी ‘ईदी’ (बुजुर्गों से मिलने वाले पैसे) लेकर खिलौने और मिठाइयां खरीदते नजर आए।
त्योहार के खास आकर्षण.
ईद के इस मुबारक मौके पर हर घर से ‘शिर-खुरमा’ और लजीज बिरयानी की खुशबू महक रही थी, वहीं लोगों ने अपने गैर-मुस्लिम दोस्तों को घर बुलाकर बड़े प्यार से सेवइयां खिलाईं और भाईचारे की मिसाल पेश की, जबकि बाजारों में नए कपड़ों, इत्र और जूतों की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भारी भीड़ और रौनक बनी रही।
पुलिस और प्रशासन का सहयोग
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया।
मुंबई पुलिस ने प्रमुख मस्जिदों के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
ट्रैफिक विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि नमाज के वक्त सड़कों पर जाम न लगे।
अधिकारियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए जनता को बधाई दी और शांति बनाए रखने के लिए शुक्रिया अदा किया।
ईद का यह दिन केवल खाने-पीने का नहीं, बल्कि गरीबों की मदद करने और आपस में प्यार बांटने का रहा। मुंबई से लेकर पालघर तक, हर चेहरे पर मुस्कान थी और हर दिल में भाईचारे की भावना।

