Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » डिजिटल अंधविश्वास: सोशल मीडिया के फर्जी चमत्कार से सावधान
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय संपादकीय

    डिजिटल अंधविश्वास: सोशल मीडिया के फर्जी चमत्कार से सावधान

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 6, 2026No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    डिजिटल अंधविश्वास
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    सावधान! फोन पर दिखने वाला हर ‘चमत्कार’ सच नहीं होता: डिजिटल अंधविश्वास का भंडाफोड़!

    मुंबई (इंद्र यादव) आजकल हम सबके व्हाट्सएप और फेसबुक पर ऐसे वीडियो की बाढ़ आ गई है जिनमें दावा किया जाता है कि “इस अद्भुत गाय को देखो जिसके तीन सिर हैं” या “इस मूर्ति ने अचानक आंखें खोल दीं।” साथ में एक धमकी या लालच भी जुड़ा होता है— “इसे 11 लोगों को भेजो तो शाम तक छप्पर फाड़कर पैसा आएगा, नहीं भेजा तो अनर्थ हो जाएगा।”
    आइए, इस ‘डिजिटल जाल’ की कड़वी सच्चाई को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं।

    यह ‘चमत्कार’ नहीं, ‘कंप्यूटर की कारीगरी’ है!

    पुराने जमाने में जादूगर हाथ की सफाई दिखाते थे, आज के ‘डिजिटल जादूगर’ कंप्यूटर और मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं।
    VFX और AI का कमाल: आजकल ऐसे ऐप्स आ गए हैं जिनसे किसी भी जानवर के दो की जगह चार पैर या तीन सिर बनाना बहुत आसान है।
    एडिटिंग की चोरी: अक्सर किसी बीमार जानवर (जिसके शरीर में जन्मजात कोई खराबी हो) का वीडियो लेकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर ‘ईश्वरीय अवतार’ बता दिया जाता है। यह चिकित्सा का विषय है, चमत्कार का नहीं।

    आपकी ‘आस्था’ उनका ‘धंधा’ है

    आपको लगता है कि आप पुण्य कमा रहे हैं, लेकिन असल में आप किसी की जेब भर रहे हैं। कैसे!
    व्यूज का खेल: फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर जितने ज्यादा लोग वीडियो देखते हैं, वीडियो बनाने वाले को उतने ही डॉलर (पैसे) मिलते हैं।
    लालच और डर: वे जानते हैं कि भारत में लोग धर्म और आस्था से जुड़े हैं। इसलिए वे “खुशखबरी मिलेगी” या “बुरा होगा” जैसे वाक्यों का इस्तेमाल करते हैं ताकि आप डरकर या लालच में आकर वीडियो को शेयर करें। उनके लिए आपकी भावनाएं सिर्फ एक ‘बिज़नेस’ हैं।
    ‘शेयर’ करने से पैसा नहीं आता, ‘मेहनत’ से आता है
    जरा ठंडे दिमाग से सोचिए— क्या दुनिया में कोई भी व्यक्ति सिर्फ एक मैसेज फॉरवर्ड करके अमीर बना है!

    तर्कशक्ति: सोचने-समझने की शक्ति।) का इस्तेमाल करे!
    अगर वीडियो शेयर करने से पैसा आता, तो देश में कोई गरीब न होता और कोई मेहनत न करता।
    कर्म ही पूजा है: धन हमेशा सही नियोजन, मेहनत और बुद्धि से आता है। किसी फर्जी वीडियो को फॉरवर्ड करना समय की बर्बादी है, पुण्य का काम नहीं।

    समाज पर इसका बुरा असर!

    जब हम ऐसे वीडियो शेयर करते हैं, तो हम अनजाने में समाज में अंधविश्वास की गंदगी फैलाते हैं।
    हमारे बड़े-बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग इसे सच मान लेते हैं और डर के साये में जीने लगते हैं।
    इससे समाज की सोच पीछे जाती है और लोग विज्ञान या तर्क के बजाय टोने-टोटकों पर भरोसा करने लगते हैं।

    हमें क्या करना चाहिए! “बचाव के आसान तरीके”!

    रुकें और सोचें: जैसे ही कोई “इसे शेयर करें वरना बुरा होगा” वाला मैसेज आए, समझ जाएं कि यह फर्जी है। भगवान कभी किसी को मैसेज शेयर न करने पर सजा नहीं देते।
    फॉरवर्ड की चेन तोड़ें: ऐसे वीडियो को आगे न भेजें। आपके एक ‘डिलीट’ बटन दबाने से अंधविश्वास की एक चैन टूट सकती है।दूसरों को समझाएं: अगर आपके परिवार के ग्रुप में कोई बुजुर्ग ऐसा वीडियो डाले, तो उन्हें प्यार से बताएं कि यह कंप्यूटर से बनाया गया वीडियो है और इसे सच न मानें।
    रिपोर्ट करें: अगर आप फेसबुक या इंस्टाग्राम पर ऐसा वीडियो देखें, तो उसे ‘False Information’ या ‘Spam’ के तौर पर रिपोर्ट करें।

    सच्ची भक्ति हमारे आचरण और दूसरों की मदद करने में है, न कि मोबाइल के ‘शेयर’ बटन में। जागरूक बनें और अपनी आस्था को किसी के व्यापार का साधन न बनने दें।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकामाख्या मंदिर: इतिहास, वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व
    Next Article मिलावटी तेल कांड: यूपी की थाली में पहुंचा ज़हर

    Related Posts

    भागलपुर विक्रमशिला सेतु का हिस्सा ध्वस्त, यातायात ठप | राष्ट्र संवाद

    May 4, 2026

    गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल: पीएम मोदी का संबोधन | राष्ट्र संवाद

    May 4, 2026

    गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल: बंगाल विजय के मायने | राष्ट्र संवाद

    May 4, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    भागलपुर विक्रमशिला सेतु का हिस्सा ध्वस्त, यातायात ठप | राष्ट्र संवाद

    गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल: पीएम मोदी का संबोधन | राष्ट्र संवाद

    गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल: बंगाल विजय के मायने | राष्ट्र संवाद

    डालसा का 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता अभियान शुरू, न्याय रथ पहुंचेगा गांव-गांव

    कोल्हान छात्र संघर्ष मोर्चा ने सोनू ठाकुर को किया सम्मानित, विश्वविद्यालय के मुद्दों पर उठाई आवाज

    धातकीडीह फायरिंग मामले का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

    जमशेदपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, ‘झाल मुड़ी’ बांटकर साझा की खुशियां

    टिनप्लेट कंपनी गेट पर मजदूरों का प्रदर्शन, बकाया भुगतान और पुनर्नियुक्ति की मांग

    बिलासपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में नवविवाहित दंपत्ति से 30 लाख के गहनों की चोरी

    जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा: मारुति और ट्रक भिड़े, 5 घायल

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.