450 रुपये में गैस सिलेंडर, महिलाओं को 33% आरक्षण, ओबीसी को 27% आरक्षण और गरीबों के वादों पर सरकार मौन
जमशेदपुर। झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘आंकड़ों की बाजीगरी और जनता को भ्रमित करने वाला बजट’ करार दिया है। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि पिछले बजट में सरकार ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, लेकिन सरकार यह बताए कि वह बजट का कितना प्रभावी क्रियान्वयन कर पाई। उनकी जानकारी के अनुसार बजट की तुलना में 70 प्रतिशत उपलब्धि भी हासिल नहीं हो पाई है। ऐसे में बड़े-बड़े आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह करने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि सरकार को दिखावटी नहीं, यथार्थवादी और जमीन से जुड़ा बजट पेश करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को दोबारा सत्ता में आये एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन महिलाओं से किए गए वादे अब भी अधूरे हैं। चुनाव के दौरान 450 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, पर आज भी महिलाएं उस घोषणा की प्रतीक्षा कर रही हैं। इस बजट में भी इस संबंध में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई, जिससे राज्य की महिलाओं को गहरी निराशा हुई है।
विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे की याद दिलाते हुए कहा कि इस दिशा में भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दलों ने चुनाव में ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन बजट में इस पर भी कोई घोषणा नहीं की गई। गरीब परिवार 7 किलो चावल और 2 किलो दाल मुफ्त देने की योजना का इंतजार करते रह गए।
इसके साथ ही, हर गरीब परिवार को 15 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा योजना का कवरेज देने का वादा भी अब तक अधूरा है। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि जब सरकार अपने प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है, तो इस बजट को जनकल्याणकारी कैसे कहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट विकास की पुख्ता रूपरेखा प्रस्तुत करने के बजाय केवल आंकड़ों की चमक-दमक तक सीमित रह गयी है। जनता को राहत, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी।

