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    डहरे टुसू जुलूस में उमड़ा जनसैलाब, गम्हरिया से जमशेदपुर तक गूंजा ढोल–मांदर

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 4, 2026No Comments2 Mins Read
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    डहरे टुसू जुलूस में उमड़ा जनसैलाब, गम्हरिया से जमशेदपुर तक गूंजा ढोल–मांदर
    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जमशेदपुर। कुड़मी समाज द्वारा अपनी सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से रविवार को डहरे टुसू परब का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गम्हरिया से आदित्यपुर होते हुए जमशेदपुर के साकची आमबागान तक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें महिलाओं और पुरुषों की भारी भागीदारी से सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।
    पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जुलूस की शुरुआत दिवंगत सांसद सुनील महतो के गम्हरिया स्थित समाधि स्थल से हुई। ढोल–मांदर की थाप पर युवक-युवतियां, महिलाएं और बुजुर्ग पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। जुलूस मैंगो पुल से गुजरते हुए आदित्यपुर फुटबॉल मैदान होते हुए साकची आमबागान पहुंचा।

    आदित्यपुर फुटबॉल मैदान के समीप आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आयोजक बादल महतो ने डहरे टुसू को झारखंडी सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि डहरे टुसू की शुरुआत टुसू पर्व से पहले होती है और नई फसल के स्वागत में यह परंपरा पीढ़ियों से निभाई जा रही है, जो अब गांव से शहर तक फैल रही है।
    कुड़मी समाज के प्रखर नेता एवं कांड्रा निवासी विजय महतो ने कहा कि संस्कृति संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। रैली के दौरान कुरमाली लोकसंगीत और डीजे की धुन पर पारंपरिक नृत्य करते लोगों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया।

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