Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जीत महतो की मौत पर SSP जमशेदपुर का स्पष्टीकरण: ‘ब्रेन मलेरिया’ से हुई मृत्यु, हिरासत में प्रताड़ना के आरोप निराधार
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    जीत महतो की मौत पर SSP जमशेदपुर का स्पष्टीकरण: ‘ब्रेन मलेरिया’ से हुई मृत्यु, हिरासत में प्रताड़ना के आरोप निराधार

    Sponsored By: सोना देवी यूनिवर्सिटीJanuary 4, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जीत महतो की मौत पर SSP जमशेदपुर का स्पष्टीकरण: ‘ब्रेन मलेरिया’ से हुई मृत्यु, हिरासत में प्रताड़ना के आरोप निराधार

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    जमशेदपुर | 04 जनवरी 2026
    पुलिस हिरासत में जीत महतो की मृत्यु को लेकर उठ रहे सवालों और एमजीएम थाना पुलिस की कार्यशैली पर लग रहे आरोपों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), जमशेदपुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है। एसएसपी ने कहा कि जीत महतो की मृत्यु पुलिस प्रताड़ना से नहीं, बल्कि ब्रेन मलेरिया (Cerebral Malaria) के कारण हुई है।
    घटनाक्रम और चिकित्सा तथ्य
    एसएसपी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार
    बीमारी और इलाज: जीत महतो लंबे समय से अस्वस्थ था। स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने पर उसे 29 दिसंबर 2025 को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    मृत्यु: निरंतर उपचार के बावजूद 31 दिसंबर 2025 को उसकी मृत्यु हो गई।
    पोस्टमार्टम: पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए दंडाधिकारी की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया तथा वीडियोग्राफी भी कराई गई।

     

    जांच के प्रमुख निष्कर्ष
    मेडिकल रिपोर्ट और दंडाधिकारी द्वारा तैयार पंचनामा के आधार पर प्रशासन ने निम्न तथ्य सामने रखे—
    मेडिकल पुष्टि: चिकित्सकों ने इलाज के दौरान पाए गए लक्षणों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु का कारण ब्रेन मलेरिया बताया है।
    चोट के निशान नहीं: पंचनामा में स्पष्ट उल्लेख है कि मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट या जख्म का निशान नहीं पाया गया। इससे हिरासत में प्रताड़ना के दावे खारिज होते हैं।

    आर्थिक सहायता पर स्पष्टीकरण: सोशल मीडिया पर चर्चित ‘मुआवजा राशि’ को लेकर बताया गया कि परिजनों को दी गई सहायता पुलिस विभाग द्वारा नहीं, बल्कि एक स्थानीय समाजसेवी द्वारा मानवीय आधार पर प्रदान की गई थी।
    एसएसपी ने दोहराया कि प्रशासन ने पूरे मामले में पारदर्शिता बरती है और चिकित्सा साक्ष्य व दंडाधिकारी की जांच से यह स्पष्ट है कि जीत महतो की मृत्यु प्राकृतिक कारणों (बीमारी) से हुई है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleआरोप, आवेदन और सन्नाटा: भूमि माफिया के आगे सिस्टम क्यों मौन है?
    Next Article कुंडहित प्रखंड परिसर में जन वितरण प्रणाली के डीलरों के बीच नई POS मशीनों का वितरण करेंगे विधानसभाध्यक्ष

    Related Posts

    भारत का ‘गोवर्धन’ मॉडल: पर्यावरण संरक्षण और भूख मुक्ति

    June 6, 2026

    पुतिन की टिप्पणी: मोदी और बदलते वैश्विक समीकरण

    June 6, 2026

    रांची में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य स्वागत

    June 6, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पुतिन की टिप्पणी: मोदी और बदलते वैश्विक समीकरण

    भारत का ‘गोवर्धन’ मॉडल: पर्यावरण संरक्षण और भूख मुक्ति

    रांची में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य स्वागत

    विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस: मिलावट-मुक्त भारत ही विकसित भारत का आधार

    रांची में नितिन नवीन का भव्य स्वागत: BJP संगठन को नई दिशा

    नितिन नबीन का रांची में भव्य स्वागत: भारत का युवा करेगा सकारात्मक राजनीति

    टेल्को में ईंट-बालू कारोबारी पर जानलेवा हमला, चाकू मारकर फरार हुए बाइक सवार बदमाश

    चंपाई मांझी को मिलेगा 10 लाख रुपये मुआवजा, कंपनी ने नौकरी और कृत्रिम पैर देने का किया वादा

    भूमाफियाओं की काली करतूत बेनकाब! रातों-रात पौराणिक तालाब और दालमा जुड़िया नाला को मिट्टी से भरकर बेचने की साजिश, ग्रामीणों के विरोध पर प्रशासन ने रुकवाया काम

    छूटता छोर अंतिम मोड़’ उपन्यास का लोकार्पण, साहित्य प्रेमियों की रही उपस्थिति

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.