रजत पर्व के उत्सव पर जिला प्रशासन द्वारा “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” अभियान की शुरुआत
जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना इस बार का थीम है सेवा के अधिकार के तहत 21 से 28 नवंबर तक चलेगी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर रजत पर्व (25 वर्ष पूर्ण होने) के उपलक्ष्य में झारखंड सरकार द्वारा राज्यभर में एक बार फिर विशेष जन–कल्याणकारी अभियान “आपकी योजना – आपकी सरकार – आपके द्वार” की शुरुआत की जा रही है। इसी कड़ी में आज जिला प्रशासन ने आगामी कार्यक्रमों की तैयारी को मजबूती देने के लिए जागरूकता वाहन (Awareness Vehicle) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सरकार का लक्ष्य है कि 21 नवंबर से 28 तक चलने वाले इस राज्यव्यापी अभियान के माध्यम सेसरकार की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति (Last Mile) तक पहुंचाया जाए। इसमें विशेष रूप से उन लोगों पर फोकस होगा जिन्हें अब तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ नहीं मिल पाया या दस्तावेज़/सूचना के अभाव में वे वंचित रह गए।
सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाले ऑडियो-वीडियो संदेश
विभिन्न योजनाओं की सूची, आवश्यक दस्तावेज़ों और पात्रता से जुड़ी पोस्टर व फ्लेक्स
गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संपर्क करने के लिए लाउडस्पीकर संदेश
प्रत्येक पंचायत और दूरस्थ टोले तक पहुंचने का निर्धारित रूट प्लान
शामिल किया गया है।
यह वाहन अभियान शुरू होने से पहले पूरे जिले में भ्रमण कर लोगों को जागरूक करेगा ताकि 21 नवंबर से लगने वाले शिविरों में अधिकतम जनभागीदारी हो सके।
किन-किन योजनाओं पर विशेष जोरअभियान के तहत बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई प्रमुख योजनाएं शामिल की गई हैलक्ष्मी बाबू योजना / पीएम आवास योजनाकिसान पंजीकरण, फसल बीमा एवं कृषि अनुदानसामाजिक सुरक्षा पेंशन (वृद्धा, विधवा, दिव्यांग)
जॉब कार्ड / मनरेगा कार्य
जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र का निर्गमन
स्वास्थ्य योजनाएं – आयुष्मान कार्ड, चेकअप कैंप
लाडली बहना/कन्या विवाह एवं छात्रवृत्ति योजनाएं
सरकारी विभागों के संयुक्त शिविरों में एक ही दिन, एक ही स्थान पर लोगों को बहु-सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जागरूकता वाहन का उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में वंचित न रहे।
उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, बीडीओ, सीओ व पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक नागरिक की मांग को प्राथमिकता से दर्ज कर समाधान किया जाए।

