झारखंड प्रदेश भाजपा ने पूर्व डीजीपी और जेल में बंद गैंगस्टर के बीच सांठगांठ की एनआईए जांच की मांग की
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता और जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के संगठित आपराधिक सिंडिकेट के बीच कथित ‘गहरी और परेशान करने वाली सांठगांठ’ की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है।
एनआईए महानिदेशक सदानंद दाते को रविवार को लिखे पत्र में मरांडी ने दावा किया कि सुजीत सिन्हा समूह ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डॉक्टरों, वकीलों और व्यापारियों से जबरन वसूली और अवैध हथियारों के व्यापार जैसे अपराधों में शामिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि रांची पुलिस के अनुसार, सिंडिकेट ने पंजाब के मोगा जिले में ड्रोन के ज़रिए गिराए गए हथियार हासिल कर लिए हैं, जिनके पाकिस्तान से जुड़े होने का संदेह है।
मरांडी ने रविवार शाम मीडिया को जारी अपने पत्र में, रांची में यूएपीए के तहत सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा की गिरफ़्तारी की ओर इशारा किया।
मरांडी के अनुसार, उनके फोन से प्राप्त डेटा से पता चलता है कि रिया सिन्हा और पूर्व डीजीपी गुप्ता के बीच कथित तौर पर सीधा और संदिग्ध संवाद हुआ था।
उन्होंने एनआईए से गुप्ता और रिया सिन्हा के बीच सभी डिजिटल बातचीत का फॉरेंसिक विश्लेषण करने, केएसएस (संगठन) बनाने और चलाने में गुप्ता की संदिग्ध भूमिका की जांच करने और झारखंड में भारत माला परियोजना क्षेत्रों पर हावी होने के लिए आपराधिक प्रभाव का इस्तेमाल किए जाने के दावों की जांच करने का आग्रह किया।

