रेड क्रॉस भवन के सखी वन स्टॉप सेंटर का विधायक पूर्णिमा साहू ने किया दौरा
केंद्र की स्थिति और सुविधाओं के आभाव पर जताई चिंता, राज्य सरकार से सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक एवं झारखंड महिला एवं बाल विकास समिति की सदस्य पूर्णिमा साहू ने गुरुवार को साकची स्थित रेड क्रॉस भवन के तीसरे तल पर संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। यह केंद्र महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत है, जो हिंसा, उत्पीड़न एवं संकट की स्थिति में फंसी महिलाओं और किशोरियों को तत्काल सहायता एवं संरक्षण प्रदान करता है। इस दौरान विधायक पूर्णिमा साहू ने अधिकारियों और कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी ली कि केंद्र कैसे संचालित हो रहा है और उन्हें किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी कमरों का निरीक्षण कर चल रहे कार्यों और सेवाओं का अवलोकन किया एवं केंद्र की स्थिति और सुविधाओं के आभाव पर चिंता जताई।
इस अवसर पर विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह केंद्र समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा हुआ है, ऐसे में इसकी कार्यप्रणाली निर्बाध और सुगम होनी चाहिए। विधायक ने पाया कि रेड क्रॉस भवन के तीसरे तल तक पहुंचने में गर्ववती महिलाओं, विशेषकर पीड़िताओं और बच्चों को भारी परेशानी होती है, क्योंकि भवन में लिफ्ट की सुविधा नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल लिफ्ट लगाने या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस केंद्र को अन्यत्र स्थानांतरित करने की योजना की जानकारी मिली है, परंतु जब तक यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं होती, तब तक वर्तमान स्थान पर सुविधाओं की अनदेखी उचित नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि जब इस केंद्र को शिफ्ट किया जाए तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि यह जिला मुख्यालय के निकट, आधुनिक सुविधाओं से युक्त और जरूरतमंदों के लिए आसानी से सुलभ हो।
विधायक पूर्णिमा साहू ने यह भी कहा कि केंद्र की जानकारी जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है, जिसके कारण कई पीड़ित महिलाएं सहायता से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से विज्ञापन एवं जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की ताकि हर महिला और बच्चा सखी वन स्टॉप सेंटर एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक हो सके।
विधायक पूर्णिमा साहू ने नागरिकों से अपील की यदि किसी महिला या बच्चे को किसी भी प्रकार की हिंसा, शोषण या संकट की स्थिति का सामना करना पड़े, तो तुरंत टॉल फ्री महिला हेल्पलाइन नंबर 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर सहायता प्राप्त करें। समाज की संवेदनशीलता और सजगता ही महिलाओं और बच्चों की असली सुरक्षा है।

