रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन और रंभा कॉलेज में संयुक्त रूप से मनाया गया हिंदी दिवस सह दिनकर जयंती समारोह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रंभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन और रंभा स्नातक कॉलेज के हिंदी विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से हिंदी दिवस सह दिनकर जयंती के अवसर पर पंद्रह सितंबर से तेईस सितंबर तक विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । इसके अंतर्गत चित्र लेखन प्रतियोगिता, स्वरचित कविता प्रतियोगिता, परिचर्चा , “कृष्ण की चेतावनी” सर्ग का सस्वर वाचन, पहेली, मुहावरों से वाक्य बनाओ प्रतियोगिता,
इत्यादि का आयोजन विद्यार्थियों के बीच किया गया । चौबीस सितंबर को विजेता प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र और पुरस्कार वितरण किया गया।
इस अवसर पर डॉक्टर सुमन लता ने ओज ,उत्साह और शौर्य के राष्ट्रवादी कवि रामधारी सिंह दिनकर पर अपना वक्तव्य रखा।
आज राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस भी होने के कारण एन एस एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ भूपेश चंद्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि समाज के प्रति सेवा का भाव ही सबसे बड़ा धर्म है।
डॉ भूपेश चंद्र और असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू गगराई “कृष्ण की चेतावनी” सर्ग के सस्वर वाचन प्रतियोगिता के निर्णायक मंडली में रहे ।
असिस्टेंट प्रोफेसर शीतल कुमारी ने “तकनीकी युग में हिंदी का बढ़ता दायरा और भविष्य” विषय पर पी पी टी के द्वारा व्याख्यान दिया।
महाविद्यालय के सचिव गौरव बचन ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा और संपर्क भाषा भी है। इस भाषा से यह पूरा देश एक सूत्र में बंधा है। हमारा कर्तव्य है कि हम इस भाषा का सम्मान करें। हिंदी दिवस सह दिनकर जयंती कार्यक्रम का संयोजन कॉलेज की प्राचार्या डॉक्टर कल्याणी कबीर के द्वारा किया गया था।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टर सतीश चंद्र ,डॉक्टर दिनेश कुमार यादव ,आई क्यू ए सी इंचार्ज डॉ गंगा भोला , डॉ किशन शर्मा और
असिस्टेंट प्रोफेसर मंजू गगराई का उल्लेखनीय योगदान रहा। राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर निवेदिता कुमारी, सविता महतो, दीपक कुमार,संजीत बांडिया,वैभवी बेहरा, सुमित्रा टुडू और बबीता रानी भकत की सक्रिय उपस्थिति रही।

