भारतीय पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण से बौद्धिक चोरी रूकेगी : प्रधानमंत्री मोदी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण देश की पारंपरिक ज्ञान संपदा की बौद्धिक चोरी रोकने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 10 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है और इसके लिए निजी संगठनों का योगदान सराहनीय है।

मोदी ने ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल की शुरुआत की, जो पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और सार्वजनिक पहुंच में तेजी लाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग एक करोड़ पांडुलिपियां मौजूद हैं, जिनमें कौटिल्य का अर्थशास्त्र और वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड जैसी दुर्लभ पांडुलिपियां शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने इस पहल को स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि यह देश की सांस्कृतिक पहचान और ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित विद्वान, शोधकर्ता और नीति विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

‘ज्ञान भारतम’ मिशन के तहत पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेज़ीकरण, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे देश भर के शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों और पुस्तकालयों में इनकी सुलभता सुनिश्चित होगी।

