नीतीश बनाम तेजस्वी:
सदन में दिखा टकराव, तकरार और तख्त की तड़प!
बुधवार का दिन बिहार विधानसभा के इतिहास में फिर एक बार हंगामे और तीखी नोकझोंक का गवाह बन गया। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आमने-सामने थे, और बीच में थे विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, जिनकी भूमिका पर भी सवाल उठे। मामला सिर्फ बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बात आरोप, प्रत्यारोप और व्यक्तिगत टिप्पणी तक पहुंच गई।

“सदन में शब्दों की तलवार चली, लेकिन मुद्दे घायल हुए। जनता को चाहिए विकास की बहस, मिल रहा है सिर्फ सियासी संघर्ष का तमाशा।”

बिहार विधानसभा का यह सत्र बता गया कि लोकतंत्र में संवाद अब संघर्ष का रूप ले चुका है। अगर मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष सार्वजनिक मंच पर संयम खो बैठें, तो आमजन क्या अपेक्षा रखें?
जरूरत है कि सत्ता और विपक्ष दोनों राजनीतिक परिपक्वता और जन सरोकारों की गंभीरता को समझें। वरना यह लोकतंत्र नहीं, लोकतमाशा बनकर रह जाएगा।

