डूमटांड में अवैध बालू लदे 5 हाइवा पकड़ाने के बाद छोड़ना बना चर्चा का विषय, प्रशासनिक तंत्र पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल ईचागढ़ थाना क्षेत्र के डूमटांड से अवैध बालू लदे पांच हाइवा वाहनों को पुलिस ने शुक्रवार की रात पकड़ा। लेकिन तीन घंटे की कथित मैराथन पैरवी के बाद सभी वाहनों को छोड़ दिए जाने की सूचना सामने आते ही यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
बता दें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर 10 जून से 15 अक्टूबर तक झारखंड में बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन का खेल खुलेआम चल रहा है। पुलिस और खनन विभाग की कार्रवाई महज दिखावा बनकर रह गई है।
सूत्रों की मानें तो जेएसएमडी बालू स्टॉक पूरी तरह से राजस्व चोरी का अड्डा बना हुआ है, जहां धनबाद, गुमला और पश्चिम बंगाल के मालदा से बालू के फर्जी चालान दिखाकर स्टॉक में दाखिल किया जा रहा है। यही नहीं, 300 से 450 सीएफटी के चालान पर 600 सीएफटी से अधिक बालू लोड किया जा रहा है। कई ओवरलोड वाहनों में तो 5 से 10 टन अधिक बालू भरा जा रहा है, जिससे सरकार को रोज लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
इधर, जिला खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए जंगल और झाड़ियों में छिपाकर रखी गई अवैध बालू को जब्त भी किया है, लेकिन जब्त बालू को उठाकर पुनः बेच दिए जाने की भी सूचनाएं सामने आ रही हैं।
ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सोपादा, जारगोडीह, खाखरो सहित सुवर्णरेखा नदी घाटों से रोजाना 117 से 120 हाइवा और दर्जनों ट्रैक्टरों से बालू की अवैध ढुलाई की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार प्रति वाहन 6 हजार रुपए की वसूली की जाती है, जिसे आकाश अंसारी, नौशाद और अशोक दास जैसे कथित बिचौलिए पुलिस और अन्य संबंधित महकमों को ‘मैनेज’ करने के नाम पर इकट्ठा करते हैं।
जिले में हाल ही में पदस्थापित नए उपायुक्त ने अवैध बालू कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन ईचागढ़ थाना परिसर के आसपास से ही बालू लदे वाहन आराम से गुजर रहे हैं। थाना प्रभारी से संपर्क करने पर उनका मोबाइल बंद मिला, जिससे उनकी चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब सवाल उठना लाजमी है कि क्या जिले में प्रशासन नहीं, बल्कि अवैध बालू माफियाओं की ‘सरकार’ चल रही है? आम जनता में भी यह आक्रोश है कि एनजीटी के आदेश की सरेआम अवहेलना और करोड़ों के राजस्व घाटे के बावजूद पुलिस प्रशासन की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है!

