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    Home » सरायकेला में रफ्तार का टूटा कहर सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंदा 
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    सरायकेला में रफ्तार का टूटा कहर सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंदा 

    Aman KumarBy Aman KumarJune 14, 2025No Comments2 Mins Read
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    सरायकेला में रफ्तार का टूटा कहर सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंदा

    सात मवेशियों की मौत कई घायल पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद

    मुआवजे को लेकर मवेशी के मालिकों ने किया प्रदर्शन जांच में जुटा प्रशासनिक महकमा

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    सरायकेला जिले में एकबार फिर से रफ़्तार का कहर देखने को मिला है. जहां राजनगर थाना अंतर्गत सिदो- कान्हू चौक पर आधी रात को एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क पर बैठे पशुओं के झुंड को रौंद डाला. इस हादसे में 7 पशुओं की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद सुबह तक सड़क पर पशुओं के शव छत- विक्षत शव पड़े रहे. करीब 9 बजे राजनगर थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे. उसके बाद पशुओं के मालिक और ग्रामीणों ने पशुओं के शव को सड़क से हटाया और घायल पशुओं के इलाज के लिए प्रखंड पशु चिकित्सक को बुलाया गया. इस दौरान पशुओं के मालिक ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है. घटना की सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कैसे तेज रफ्तार ट्रेलर ने पशुओं को रौंद डाला. फुटेज में दिख रहा है कि ट्रेलर की गति काफी तेज थी और वह पशुओं को देखकर भी गाड़ी को नहीं रोक पाया. प्रशासन ने घटना का संज्ञान लिया है और घायल पशुओं के इलाज की व्यवस्था की जा रही है. वहीं पशुओं के मालिक को मुआवजा देने की भी बात कही जा रही है.

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    10 साल बाद भी नहीं मिला पानी, रामनगर लकड़िया बागानबस्ती के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी जमशेदपुर के बागबेड़ा से सटे रामनगर बस्ती के सैकड़ों परिवारों ने बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2016 में पंचायत के तत्कालीन मुखिया द्वारा प्रत्येक घर से 450 रुपये लेकर पानी कनेक्शन के लिए रसीद दी गई थी, लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो इलाके में पाइपलाइन बिछाई गई और न ही किसी घर तक जलापूर्ति की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी और निजी बोरिंग से पानी निकलना बंद हो गया है, जिसके कारण लोगों को 30 से 40 रुपये प्रति बोतल पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रामनगर बस्ती के निचले हिस्से में जल्द पाइपलाइन बिछाकर घर-घर पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।

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