Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » राज्य में शरणार्थी बस्तियों को नियमित किया जायेगा:सीएम ममता बनर्जी
    Breaking News Headlines राजनीति

    राज्य में शरणार्थी बस्तियों को नियमित किया जायेगा:सीएम ममता बनर्जी

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 26, 2019No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य में सभी शरणार्थी बस्तियों को नियमित किया जायेगा. इसका मतलब है कि शरणार्थी के तौर पर रह रहे लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया जायेगा. सुश्री बनर्जी ने कहा कि 1971 से ही यह लोग अधर में लटके हुए हैं और ना तो इनके पास जमीन है और ना ही घर.वह न घर के हैं न घाट के. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका मानना है कि शरणार्थियों का यह हक है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि प्राइवेट पार्टी और केंद्र सरकार की जमीन पर बनी शरणार्थी बस्तियों को नियमित करने के प्रयास किये जायेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि विस्थापित हुए लोगों को भी राज्य सरकार की ओर से जमीन का मालिकाना हक दिया जायेगा. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है.सोमवार को हुई राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार की जमीन पर बसी 94 शरणार्थी बस्तियों को नियमित किया जा चुका है. कई बस्तियां केंद्र सरकार और प्राइवेट पार्टी की जमीन पर बसी हुई हैं. सरकार लंबे समय से कह रही है कि इन बस्तियों को भी रेग्युलराइज करके लोगों को जमीन का अधिकार दिया जाये.हालांकि, लोगों को जमीन खाली करने के नोटिस भेजे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की काफी जगह है जहां शरणार्थी रह रहे हैं. वह 48 वर्षों से वहां रह रहे हैं. इतने वर्षों से रहने पर भी उनके पास कोई अधिकार नहीं है. इसिलए उन्हें यह अधिकार दिया गया है. अब तक 1.25 लाख परिवारों को नियमित किया जा चुका है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहेडलाइंस राष्ट्र संवाद
    Next Article राजगीर तक लाया जायेगा गंगा का पानी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

    Related Posts

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.