Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह आयोजित, 17 बच्चे हुए सम्मानित
    Breaking News Headlines राष्ट्रीय

    राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह आयोजित, 17 बच्चे हुए सम्मानित

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 27, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    नई दिल्ली. राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से 17 बच्चों को सम्मानित किया. इन बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए सात विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिया गया. इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि पूरे देश और समाज को इन पर गर्व है.

     

     

    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने असाधारण कार्य किए हैं, आश्चर्यजनक उपलब्धियां हासिल की हैं, उनके पास असीमित क्षमताएं हैं और उनमें अतुलनीय गुण हैं. उन्होंने कहा कि ये बच्चे देश के अन्य बच्चों के लिए एक प्रेरणा हैं.

    राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे देश की परंपरा बच्चों को अवसर प्रदान करने और उनकी प्रतिभाओं को पहचानने की रही है. उन्होंने जोर दिया कि इस परंपरा को और मजबूत किया जाना चाहिए. जब हम 2047 में भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएंगे, तो ये पुरस्कार विजेता बच्चे राष्ट्र के प्रबुद्ध नागरिक होंगे. ऐसे प्रतिभाशाली लड़के-लड़कियां एक समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे.

    उन्होंने आगे कहा कि इस पुरस्कार से सम्मानित बच्चों ने देश को गौरवान्वित किया है और उन्होंने अपनी मेहनत, समर्पण और कार्यों से यह साबित कर दिया है कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण कार्य किए हैं.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकनाडा के पीएम ट्रूडो पर भड़के ट्रंप, कहा ‘पागल वामपंथी, अमेरिका में विलय करने का दिया ऑफर
    Next Article पंजाब: किसानों ने 30 दिसंबर को किया बंद का ऐलान, रेल और सड़क यातायात रहेगा प्रभावित

    Related Posts

    एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर: शहर के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से रविवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भुईयाडीह कानू भट्टा निवासी 45 वर्षीय श्रवण कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार श्रवण कुमार के पैर में पहले से चोट थी, जिसमें सूजन और घाव हो गया था। रविवार सुबह अचानक दर्द बढ़ने पर उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के नाम पर केवल घाव की सफाई कर दवा लगाई गई और पट्टी बांधने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इस दौरान परिवार ने चिकित्सकों से मरीज की स्थिति को देखते हुए विस्तृत जांच करने का अनुरोध भी किया, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। बताया जाता है कि घर लौटने के कुछ घंटों बाद श्रवण कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पैर का दर्द असहनीय हो गया और उनकी बेचैनी बढ़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें दोबारा एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के भाई आशीष कुमार ने कहा कि यदि सुबह ही मरीज की समुचित जांच और बेहतर इलाज किया गया होता तो शायद उनके भाई की जान बच सकती थी। घटना के बाद एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।

    May 31, 2026

    जमशेदपुर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

    May 31, 2026

    पूर्वी सिंहभूम में वैध बालू उठाव का रास्ता साफ, परिवहन चालान जारी

    May 31, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर: शहर के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से रविवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भुईयाडीह कानू भट्टा निवासी 45 वर्षीय श्रवण कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार श्रवण कुमार के पैर में पहले से चोट थी, जिसमें सूजन और घाव हो गया था। रविवार सुबह अचानक दर्द बढ़ने पर उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के नाम पर केवल घाव की सफाई कर दवा लगाई गई और पट्टी बांधने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इस दौरान परिवार ने चिकित्सकों से मरीज की स्थिति को देखते हुए विस्तृत जांच करने का अनुरोध भी किया, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। बताया जाता है कि घर लौटने के कुछ घंटों बाद श्रवण कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पैर का दर्द असहनीय हो गया और उनकी बेचैनी बढ़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें दोबारा एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के भाई आशीष कुमार ने कहा कि यदि सुबह ही मरीज की समुचित जांच और बेहतर इलाज किया गया होता तो शायद उनके भाई की जान बच सकती थी। घटना के बाद एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।

    जमशेदपुर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

    पूर्वी सिंहभूम में वैध बालू उठाव का रास्ता साफ, परिवहन चालान जारी

    जमशेदपुर आएंगे राज्यपाल संतोष गंगवार, एमटीएमसी के ग्रेजुएशन समारोह में होंगे शामिल

    अखिल भारतीय तेली साहू महासभा के अध्यक्ष बने द्वारिका प्रसाद, राकेश साहू की सदस्यता समाप्त करने का निर्णय

    प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता बने राकेश तिवारी, जिला कांग्रेस ने किया अभिनंदन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात से विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी: राजेश शुक्ल

    विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर ब्रह्माकुमारीज़ का नशा मुक्ति अभियान, युवाओं ने ली नशा छोड़ने की प्रतिज्ञा

    प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात से सशक्त होगा Viksit Bharat Resolution

    खिजुरिया बूथ पर सुना गया मन की बात का 134वां एपिसोड

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.