Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बीजेपी को सत्ता तक नहीं पहुंचा पाए ‘कोल्हान टाइगर
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड रांची राजनीति राष्ट्रीय

    बीजेपी को सत्ता तक नहीं पहुंचा पाए ‘कोल्हान टाइगर

    News DeskBy News DeskNovember 27, 2024No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    – *बीजेपी को सत्ता तक नहीं पहुंचा पाए ‘कोल्हान टाइगर’*
    –
    – *आदिवासी वोट बैंक को बीजेपी के पाले में नहीं खींच पाए पूर्व सीएम चंपई सोरेन*
    –
    – *बेटे की घाटशिला सीट भी बचाने में नहीं हो पाए सफल*
    –
    *घर वापसी पर भी हो रहा है मंथन!*

    *चंचल की चंचलता के कई रोचक कहानी*
    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    *जमशेदपुर, 26 नवंबर :* कोल्हान टाइगर के नाम से मशहूर पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बीजेपी की नैया पार नहीं लगा पाए। हैरानी की बात यह है कि वह अपने बेटे की सीट भी नहीं बचा पाए। चंपई सोरेन को पार्टी में लाने के बाद बीजेपी को यह उम्मीद थी कि वह झारखंड के आदिवासी वोटर्स को फतह कर लेगी, लेकिन वह आदिवासी वोटर्स को कन्वेंस करने में सफल नहीं हो पाए, नतीजन उसे हार का सामना करना पड़ा और गठबंधन अपनी सरकार को रिपीट करने में सफल हो गई। सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन जिनके माध्यम से भाजपा में गए थे उसी माध्यम से फिर से घर वापसी के लिए मंथन कर रहे हैं प्रेस सलाहकार चंचल गोस्वामी के कारण पिछले कुछ दिनों में कई एक बार जगह सही हो चुकी है? फिर एक बार इसकी तैयारी की जा रही है!

     

     

    चंपई को पार्टी में शामिल करने से पहले बीजेपी नेताओं का आकलन था कि चंपई सोरेन आदिवासियों को आकर्षित करने में सहायक साबित हो सकते हैं। वे झामुमो की खूबी और खामी को बखूबी जानते और समझते भी हैं। 14 विधानसभा सीटों वाले कोल्हान प्रमंडल इलाके में उनकी गहरी पैठ भी है। पृथक राज्य के आंदोलन में उनका सक्रिय योगदान रहा है। उनकी अपील कारगर साबित हो सकती है। इतना ही नहीं, झामुमो में उनसे सहानुभूति रखने वालों की संख्या भी काफी है। ऐसे में, चंपई आदिवासी सुरक्षित सीटों पर भाजपा का आंकड़ा बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं को यह आकलन सिरे नहीं चढ़ पाया और वह राज्य की सत्ता के करीब नहीं पहुंच पाए। चंपई सोरेन भले ही अपनी सीट बचाने में सफल हुए, लेकिन बेटे की घाटशिला सीट भी नहीं बचा पाए। कोल्हान में जिस बदलाव की उम्मीद की जा रही थी, वह संभव नहीं हो पाया, केवल इतना ही हुआ कि बीजेपी खाता खोलने में जरूर कामयाब हुई। जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी की जीत में इनका कोई योगदान नहीं रहा किसी तरह सरायकेला सीट बीजेपी के खाते में गई
    लेकिन बीजेपी का असली मकसद पूरा नहीं हो पाया।

    ऐसे में, सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि न केवल चंपई ने बीजेपी का दामन थामकर गलती की, बल्कि बीजेपी ने भी चंपई को पार्टी में शामिल कर भारी गलती की कई लोग तो अब यह चर्चा कर रहे हैं कि यह चंचल की चंचलता का ही परिणाम है क्योंकि आदिवासी वोट बीजेपी के पाले में लाने में चंपई सफल नहीं हो पाए तो चंचल की रणनीति का फेल होना की साबित करता है।

     

    चंपई के माध्यम से बीजेपी ने यह संदेश देने का भरसक प्रयास किया कि आदिवासी समुदाय से आने वाले एक सीनियर नेता के साथ ज्यादती हुई, लेकिन वोटर्स ने बीजेपी के इस संदेश को सिरे से खारिज कर दिया और हेमंत सोरेन पर पूरा विश्वास जताया और उनकी सत्ता में वापसी कराई।

    बीजेपी को सत्ता तक नहीं पहुंचा पाए 'कोल्हान टाइगर
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleराष्ट्र संवाद headlines
    Next Article महाराष्ट्र में धमाकेदार जीत का दिल्ली में होगा असर

    Related Posts

    मोकामा की सियासत में अनंत सिंह: जदयू से निष्कासन के बाद जनादेश का इंतजार

    October 27, 2026

    प्रेम संबंध में बाधा बने पिता की हत्या की साजिश, नाबालिग बेटी ने प्रेमी के साथ रची खौफनाक योजना

    October 27, 2026

    विरासत का सम्मान और वंचितों का उत्थान सरकार की प्राथमिकता: योगी

    October 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    मोकामा की सियासत में अनंत सिंह: जदयू से निष्कासन के बाद जनादेश का इंतजार

    प्रेम संबंध में बाधा बने पिता की हत्या की साजिश, नाबालिग बेटी ने प्रेमी के साथ रची खौफनाक योजना

    विरासत का सम्मान और वंचितों का उत्थान सरकार की प्राथमिकता: योगी

    खड़गे पीएम मोदी से माफी मांगें, CJP आंदोलन लोकतंत्र के लिए खतरा: संतोष सुमन

    जादूगोड़ा में ऑनलाइन जुए-सट्टे का बड़ा जाल, रातों-रात करोड़पति बन रहे सटोरिये

    बहराइच: अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने की सजा भुगत रही हुमैरा, पति असलम ने लूटे 80 हजार और जेवर

    बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की आशंका, छह राज्यों में बारिश का अलर्ट

    नशे के सिंडिकेट पर प्रहार: जमशेदपुर में 133 किग्रा गांजा जब्त, झारखंड के युवाओं का भविष्य बचाने को निर्णायक जंग

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादास्पद बयान ने राजनीतिक मर्यादा पर खड़े किए सवाल

    Kingmaker Casino: A Deep Dive into Features and Player Experience

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.