85 गांव के नोटिस मामले में वन विभाग की सफाई , ग्रामीणों का मकान नहीं टूटेगा
चांडिल दलमा वन क्षेत्र के इको सेंसेटिव जोन मे रहने वाले 85 गांव को वन विभाग द्वारा नोटिस किये जाने के बाद ग्रामीणों मे हडकंप है । ग्रामीण कभी अनुमंडल कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे है तो कही मशाल जुलूस निकाल कर वन विभाग को विरोध जता रहे है ।
वन विभाग के नोटिस पर दलमा वन क्षेत्र के रेंजर दिनेश चंद्रा ने मामला को साफ करते हुए कहा कि इको सेंसेटिव जोन ने रहने वाले किसी भी ग्रामीण का मकान नही टूटेगा । नोटिस मकान तोड़ने के लिये नही दिया गया है बल्कि यह सर्वे के लिये नोटिस है । सर्वे इस लिये किया जा रहा है ताकि इको सेंसेटिव जोन मे रहने वाले कितने परिवार है ।
आने वाले समय मे इको सेंसेटिव जोन मे विकास का कार्य करना है । इसके लिये पूरा दलमा वन क्षेत्र समेत इको सेंसेचिव जोन का सर्वे किया जा रहा है । मकान तोड़ने को लेकर गलत अफवाह फैलायी जा रही है ।
ग्रामीणों को डीआईजी भ्रमित किया जा रहा है कई ऐसे राजनेता है तो इसे चुनावी मुद्दा बना कर अपनी राज नीति की रोटी सेख रहे हैं । रेंजर दिनेश चंद्र ने ग्रामीण से अपील की है कि वह ऐसे किसी भी अफवाह में ना पड़े ।

