Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत  की आजादी में शहीदों के सरताज सरदार जी
    Breaking News जमशेदपुर झारखंड

    भारत  की आजादी में शहीदों के सरताज सरदार जी

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 12, 2024No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    भारत  की आजादी में शहीदों के सरताज सरदार जी
    हमारे भारतवर्ष की आजादी में भारत के कोने-कोने से महापुरुषो ने आजादी की लड़ाई में शाहिदियाँ दी और अपने देश को आजादी दिलाई |
    मगर एक कौम ऐसी भी हैं जिसने भारत को आजाद कराने में अपना सरवंश भी खत्म करने  से  पीछे नहीं हटे उस कौम के योद्धाओं ने अपनी आबादी के प्रतिशत के आधार पर इस भारतवर्ष की आजादी में अपने खून की नदियाँ बहा कर नवासी प्रतिशत शाहिदियाँ दी जो किसी भी देश को आजाद कराने में इतनी बड़ी शाहिदियाँ प्रतिशत में इतिहास में मैंने नहीं पढ़ा उस समय इनकी आबादी भारत की जनसँख्या के हिसाब से सिर्फ दो प्रतिशत थी हाँ मैं बात कर रहा हूँ
    उसी कौम की जो भारतवर्ष में शेरो की तरह शान से जी रहा हैं इस कौम के पास शेर की तरह ताकत और बब्बर शेर की तरह हिम्मत हैं ये वो  कौम हैं जिसने अपनी जान की कभी परवाह नही की जिस कौम का नारा हैं पहले मरण काबुल फिर कर जीवन की आश | क्या ये देश सरदार उधम सिंह निखंज को भूल सकता हैं ? जिसने जलीय वाले बाग़ के मुख्य आरोपी जनरल डायर को भारत में चुनौती देकर ब्रिटेन में भरी सभा में गोली मारी थी और भारत वर्ष का नाम पूरी दुनिया में ऊँचा किया था तभी से बरतानियाँ सरकार के दिलो – दिमाग में डर बैठा और आगे चलकर अंग्रेज आजादी देने को मजबूर हो गए |  और ये थे भारतवर्ष के बब्बर शेर सरदार भगत सिंह उसने तो बरतानियाँ सरकार की ईंट से ईंट बजा डाली और भारतवासियों के सीने में आग लगा डाली आजादी के लिए क्या हम भूल गए चोरी – चोरा कांड काकोरी स्टेशन पर अंग्रेजो का खजाना भगत सिंह ने अपने साथियों के साथ लखनऊ के पास लूट लिया था और आजादी देने पर अंग्रेजो को मजबूर कर दिया था | मैं अपने भारतवासियों को बताना जरूरी समझता हूँ की अंग्रेजो की ईस्ट इंडिया कंपनी का विरोध करने वाले सरदार जी ही थे जब बंगाल के समुद्र के  रास्ते अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत ला रहे थे तब सिखों ने अंग्रेजो से भारी युद्ध किया और चालीस  सिखों शहीदी  दी आज भी वहा पर इतिहासिक गुरुद्वारा इन शहीदों की याद में बनवाया गया हैं जिसका नाम बजबज घाट हैं इस गुरूद्वारे को कम लोग ही जानते हैं |
    शाहिदियों के सरताज सरदारों को आजादी की लड़ाई में 47 सिखों को फांसी लगा दी हजारो को जेल भेज दिया गया हजारो लो काला पानी  भेज दिया  गया | यूँ तो 1857 में भारत की आजादी के बिगुल पुरे देश में बज चूका था मगर 1857 शाहिदियों के पहले 16वीं 17वीं शताब्दी से ही इस देश को आजाद कारने के लिए अंग्रेजो पहले मुग़ल शासन काल बाबर के ज़माने से ही सिख गुरु नानक देव जी ही बाबर का विरोध करके रख दी थी उसके बाद जितने  भी मुग़ल शासक आये और इस देश पर अत्याचार  किया तभी से सिख गुरुओं ने लड़ाइयाँ लड़ी और खून की नदियाँ बहाई इस देश को उस जमाने में मुगलों ने हिनुस्तान को जी  भर  लुटाजे,  जी भर कत्लेआम किया, जी भर मंदिर तुड़वाये इतने से भी मन नही भरा तो भारतवासियों को मुस्लमान बनाने जाने लगा और हमारी बहू बेटियों को अरब देशों में  बेचा जाने लगा
    मो० गजनवी ने तो इस देश की राजधानी दिल्ली को 16 बार  लुटा ना जाने कितने दिनों तक दिल्ली लुटती रही  कितनो का कत्ल कर दिया गया और माताओं का  सिन्दूर सूरज की तपिस में सूख गया | और एक  से बढ़कर एक शाहिदियाँ देने वाले हुए हैं |
    बिरसा मुंडा, सिद्धू – कान्हू , वीर कुंवर सिंह, चंद्रशेखर आजाद, झाँसी की रानी, महाराणा प्रताप और ना जाने कितने महापुरुषो ने अपना पूरा जीवन निछावर कर दिया |
    नानक दास
    खालसा इंटर कॉलेज के प्रबंधक मेम्बर गुरुमत प्रचारक
         सरदार सुरेन्द्र  सिंह
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनारायण आईटीआई लुपुंगडीह में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस जी की जयंती मनाई एवं तस्वीर पर श्रद्धा सुमन किया अर्पित
    Next Article चिंतामणि महादेव पर जल अर्पण हेतु निकली भव्य कलश यात्रा जुटे हजारों श्रद्धांलू

    Related Posts

    टेल्को के घोड़ाबांधा मोड़ पर खूनी संघर्ष, चापड़ और लोहे के पाइप से हमला, तीन घायल

    July 25, 2026

    जहानाबाद, बिहार बंद को लेकर जहानाबाद में हाई अलर्ट, चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात, एसपी खुद कर रहे मॉनिटरिंग।

    July 25, 2026

    छात्र आंदोलन के बीच बेगूसराय पुलिस ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

    July 25, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टेल्को के घोड़ाबांधा मोड़ पर खूनी संघर्ष, चापड़ और लोहे के पाइप से हमला, तीन घायल

    जहानाबाद, बिहार बंद को लेकर जहानाबाद में हाई अलर्ट, चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात, एसपी खुद कर रहे मॉनिटरिंग।

    छात्र आंदोलन के बीच बेगूसराय पुलिस ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

    बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष ने सरकार को घेरा: जातीय पहचान और आरक्षण पर तीखे सवाल

    बिहार विधानसभा में जातीय पहचान और आरक्षण पर सत्ता पक्ष ने घेरा सरकार को

    ठाणे में मौत का तांडव: जगदाले एवेसा के पीछे हवा में लटका 250 किलो मलबा, जान का खतरा

    जगदाले एवेसा के पीछे लटका 250 किलो मलबा: ठाणे में बड़ा हादसे का खतरा

    बहुड़ा यात्रा: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा

    जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा – ललित गर्ग का विश्लेषण

    जल संकट: असंतुलित प्रबंधन से अस्तित्व पर मंडराता खतरा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.