पुलिस के हत्थे चढा अपराधकर्मी गणेश सिंह
जमशेदपुर पुलिस के हत्थे चढ़े अपराध करने गणेश सिंह उसके साथी अमन सिंह और कारोबारी रवि जायसवाल से पूछताछ कर रही है जमशेदपुर के एसएसपी किशोर कौशल के स्तर पर लगातार तीनों से एमजीएम थाना में कडाई से पूछताछ की जा रही है बताया जाता है कि उनके पास से पुलिस ने हथियार भी जप्त किया है पुलिस को पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि गणेश सिंह के साथ में वे लोग गंगटोक से लेकर पहले कोलकाता पहुंचे।
कोलकाता से वे लोग सड़क मार्ग से जब लौट रहे थे कि पुलिस ने उनको पकड़ लिया बताया जाता है कि NH 33 पर पुलिस को ठोस सूचना थी कि गणेश सिंह अपने साथियों के साथ जमशेदपुर की ओर आ रहा है इसी बीच पतरु टोल प्लाजा के पास पुलिस में उनकी गाड़ी को रोका। वे लोग थोड़ा आगे बढ़ाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने खुद उनको पकड़ लिया बताया जाता है कि वे लोग जहां पकड़े गए वहा खुद आईपीएस रैंक के ऑफिसर थे तीनों को पकड़ कर पुलिस एमजीएम थाना ले आई जहां उनसे पूछताछ कर रही है
बताया जाता है कि गणेश सिंह फरारी के दौरान 2 से 3 बार शहर आया और गया। उसको पुलिस लगातार पकड़ने की कोशिश कर रही थी लेकिन इस बार पुलिस को ठोस सूचना थी और उसको पुलिस ने धर दबोचा। गणेश सिंह हाल के दिनों में के अपना समांनातर गैंग चलाने लगा था गैंगस्टर अखिलेश सिंह की जेल में थे इसका लाभ गणेश सिंह उठा रहा था और वह लगातार अखिलेश सिंह गैंग के माध्यम से अपराधी घटनाओं को अंजाम दे रहा था चूँकि वह पुलिस में भी अपनी पैठ बना लिया था और पुलिस के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से पुराने सारे केस में वह अपने आपको अलग कर दे रहा था
अपने मुख्य विपक्षी अमरनाथ सिंह की भी बासुकी नाथ के पास हत्या कर दी गई ,जिसके बाद गणेश सिंह अकेला राज करने लगा था गणेश सिंह की पैठ ऐसी की यानी लगातार केस में ना उसका नाम आता था और पुलिस उसे लगातार उसको एफआरटी यानी केस से बाहर कर दे रहे थे। इस कारण सवाल यह उठ रहा था कि आखिर जब गणेश सिंह बेकसूर है तो फिर लोग क्यों उसका नाम ले रहे हैं और अगर दोषी है तो फिर क्यों गणेश सिंह को पुलिस क्लीनचिट दे रही थी। पुलिस इस मामले में गणेश सिंह के और सारे ठिकानों की जांच कर रही है ताकि और हथियारों की जप्त किया जा सके गैंगस्टर की पूरी टीम के बारे में पता लगाया जा रहा है

