Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कामरेड जेपी सिंह की पुस्तक शहादतनामा का हुआ विमोचन 
    Breaking News Headlines खबरें राज्य से जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड बिहार बेगूसराय रांची राजनीति राष्ट्रीय साहित्य

    कामरेड जेपी सिंह की पुस्तक शहादतनामा का हुआ विमोचन 

    News DeskBy News DeskJuly 3, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कामरेड जेपी सिंह की पुस्तक शहादतनामा का हुआ विमोचन

     

    मुख्य अतिथि वरिष्ठ कथाकार जयनंदन ने कहा कि जमशेदपुर मजदूरों का शहर है. यहां मजदूर आंदोलन की सशक्त परंपरा रही है. इसकी शुरुआत मजदूर नेता हजारा सिंह से होती है, जिनका जिक्र पुस्तक में है. तिलका माझी, सिदो-कान्हू, बैकुंठ, जकी अनवर आदि का पुस्तक में उल्लेख है. उन्होंने कहा कि हजारा सिंह शहीद भगत सिंह के जूनियर थे. उन्हें अंडमान से लौटने के क्रम में पंजाब की सीमा पर रोक दिया गया था. बाद में वे यहां मणिफीट स्थित आजाद बस्ती में आकर रहे. जयप्रकाश नारायण ने उन्हें यूनियन में प्रवेश कराया. उन्होंने जब आंदोलन किया पूरा शहर उनके पीछे चल पड़ा, जिसके बारे में पुस्तक में बढ़िया से लिखा गया है. इस लिहाज से यह गागर में सागर जैसा काफी उपयोग पुस्तक है. वहीं, कार्यक्रम की शुरुआत में हजारा सिंह को श्रद्धांजलि भी दी गयी.
    संक्षेप विवरण पर शोध हो

     

    मुख्य वक्ता प्रभात खबर के स्थानीय संपादक संजय मिश्र ने कहा कि जेपी सिंह इस उम्र (वृद्ध) में भी लिख रहे हैं यह बहुत बड़ी बात है. उनके लेखक की यात्रा अभी जारी है. वे डिगे नहीं हैं. पुस्तक में कई विवरण संक्षेप में हैं, जिस पर शोध करने की जरूरत है. कई पुराने फोटो को जगह दी गयी है. 1979 के दंगे पर कम लिखा गया है. उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन की पत्नी का क्या दर्द होता है, इस पर भी लिखा जाना चाहिए.

    शहादत देने वालों को साइड में नहीं रखा जा सकता
    पुस्तक के लेखक जेपी सिंह ने कहा कि शहादत देने वालों की महानता को साइड में रखकर कोई देश आगे नहीं बढ़ सकता. शहीदों की फेहरिस्त में हजारा सिंह जैसों का नाम नहीं होना दोहरी मानसिकता है. वहीं, श्रमिक नेता राकेश्वर पांडेय ने कहा कि जमशेदपुर में वर्ष 1939 में मजदूर आंदोलन की शुरुआत हुई थी. साहित्यकार अरविंद विद्रोही ने कहा कि दिल्ली के अखबारों में लेख छपने के बाद देश हजारा सिंह को जान पाया. अशोक चौधरी व अन्य ने भी अपनी बात रखी. कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मर्षि विकास मंच के संस्थापक महासचिव राजकिशोर सिंह ने की. संचालन पत्रकार प्रेम कुमार ने किया.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Article4 जुलाई को गोड्डा जिला के गोड्डा कॉलेज मैदान में एक दिवसीय दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला का होगा आयोजन
    Next Article रथ यात्रा की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बेहतर करे जिला प्रशासन- हिन्दू पीठ

    Related Posts

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    November 8, 2026

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    November 8, 2026

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    November 8, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Le Bandit: waarom korte klappers met hoge inzet jouw sessie bepalen

    Spinrise Casino im Browser auf dem Smartphone spielen

    इस दीपावली बनें सच्चा मनी मैग्नेट

    दीपावली : एक पर्व, अनेक परंपराएं, लेकिन संदेश एक अंधकार पर प्रकाश की विजय

    इस दिवाली आसमान नहीं, अपना नजरिया रोशन कीजिए

    दीपावली के पाँच पर्व और उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराएँ

    गाजियाबाद पुलिस चौकी ब्लास्ट में नया मोड़, आतंकी संगठन ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी

    LocoWin Casino betaalmethoden: storten en opnemen met kaart, e-wallet en crypto

    प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, बोले- जवानों के साथ मनाऊंगा त्योहार

    आदिवासी कार्यकर्ता निशा भगत पंचतत्व में विलीन, न्याय की मांग को लेकर झारखंड में उबाल; सीबीआई जांच की मांग तेज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.