Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोट के बदले नोट मामले’ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
    Breaking News Headlines राजनीति

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोट के बदले नोट मामले’ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 4, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वोट के बदले नोट मामले’ में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत
    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सांसदों और विधायकों को सदन में भाषण देने या वोट डालने के लिए रिश्वत लेने पर कानूनी संरक्षण मामले में अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वोट के बदले नोट लेने वाले सांसदों / विधायकों को कानूनी संरक्षण नहीं दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की सराहना करते हुए एक ट्वीट किया है.

     

    बता दें कि यह फैसला CJI डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जेबी पारदीवाला, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने सहमति से सुनाया है.

     

     

    1988 के पी.वी. नरसिम्हा के संविधान पीठ के फैसले को SC ने पलटा
    सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा, “सांसदों / विधायकों पर वोट के बदले रिश्वत लेने का मुकदमा चलाया जा सकता है. 1998 के पी.वी. नरसिम्हा राव मामले में पांच जजों के संविधान पीठ के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है. इसके बाद अब नोट के बदले सदन में वोट देने वाले सांसद / विधायक कानून के कटघरे में खड़े होंगे. केंद्र ने भी ऐसी किसी भी छूट का विरोध किया था.”

     

     

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अनुच्छेद 105(2) या 194 के तहत रिश्वतखोरी को छूट नहीं दी गई है क्योंकि रिश्वतखोरी में संलिप्त सदस्य एक आपराधिक कृत्य में शामिल होता है, जो वोट देने या फिर विधायिका में भाषण देने के लिए जरूरी नहीं है. अपराध तब पूरा हो जाता है, जब सांसद या विधायक रिश्वत लेता है. इससे राजव्यवस्था की नैतिकता पर प्रतिकूल प्रभाव होता है. हमारा मानना है कि रिश्वतखोरी संसदीय विशेषाधिकारों द्वारा संरक्षित नहीं है. इसमें बेहद खतरा है. इस वजह से ऐसा संरक्षण खत्म होना चाहिए.”

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleईडी के सामने पेश होंगे दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल, 12 मार्च के बाद मांगी तारीख
    Next Article भारतीय जनता पार्टी के जमशेदपुर महानगर के द्वारा राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और आम जनमानस की समस्याओं को लेकर एक दिवसीय प्रखंड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन

    Related Posts

    दिल्ली में छात्रों पर कार्रवाई को लेकर निष्पक्ष जांच की उठी मांग

    July 22, 2026

    झारखंड को मिली बड़ी उड़ान: पूर्वी भारत का पहला सरकारी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग संस्थान जल्द होगा शुरू

    July 22, 2026

    राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह को बताया ‘अप्रासंगिक व्यक्ति’, खारिज किया ‘बात से पीछे हटने’ का दावा

    July 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    दिल्ली में छात्रों पर कार्रवाई को लेकर निष्पक्ष जांच की उठी मांग

    झारखंड को मिली बड़ी उड़ान: पूर्वी भारत का पहला सरकारी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग संस्थान जल्द होगा शुरू

    राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह को बताया ‘अप्रासंगिक व्यक्ति’, खारिज किया ‘बात से पीछे हटने’ का दावा

    राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह को बताया ‘अप्रासंगिक व्यक्ति’, खारिज किया पीछे हटने का दावा

    राहुल गांधी ने छात्रों को आतंकवादी नहीं बताया, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

    JPSC पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग पर भाजयुमो का जोरदार प्रदर्शन, CBI जांच की मांग उठी

    राहुल गांधी ने जितेंद्र सिंह के ‘पीछे हटने’ के दावे को खारिज किया, कहा- ‘वह अप्रासंगिक व्यक्ति’

    छत्तीसगढ़ में भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की कोशिश, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े

    राहुल गांधी ने बुधवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना पूरा समर्थन देते हुए कहा – शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

    छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय का घेराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.