Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » खेलों और धार्मिक आस्था का संगम बड़वा का बाबा रामदेव मेला
    Breaking News Headlines साहित्य

    खेलों और धार्मिक आस्था का संगम बड़वा का बाबा रामदेव मेला

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 13, 2024No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

     

    खेलों और धार्मिक आस्था का संगम बड़वा का बाबा रामदेव मेला

    भिवानी के गाँव बड़वा में लगने वाले बाबा रामदेव के मेले में हर वर्ष हजारों धर्म-प्रेमी बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए आते हैं। मेले में तरह-तरह की दुकानें सजाई जाती है। अनेक प्रकार के झूले और खेलों का आयोजन किया जाता है। शुरुआती दौर में मेले में ऊंटों का नृत्य और दौड़ आकर्षण का केंद्र बनते थे। वर्ष 1994 से यहां बाबा रामदेव मेला समिति मेले का आयोजन करवाती आ रही है। शुरुआती खेल प्रतियोगिताओ में ऊंटों की दौड़ मुख्य आकर्षण का केंद्र होती थी और ऊंट मैदान में नृत्य करते थे। उनकी जगह अब आधुनिक खेलों ने ले ली है, जिसमे लड़कियों और महिलाओं की तरह-तरह की खेल प्रतियोगिताएं शामिल है।

     

     

    -डॉ. सत्यवान सौरभ

    वर्तमान में कलयुग के देवता कहे जाने वाले बाबा रामदेव जी का जन्म स्थल राजस्थान के जैसलमेर जिले का गांव रामदेवरा है। जहां अजमल जी के घर बाबा रामदेव ने जन्म लिया था। तब इनके जन्म के साथ राजा अजमल जी के घर में कुमकुम के पांव उनके घर में बने थे। बाबा रामापीर के जन्मदिवस को भगत और ग्रामीण जन अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ मनाते हैं। पश्चिमी राजस्थान के लोक देवता बाबा रामदेव जी का मेला पूरे भारत में प्रसिद्ध है। बाबा रामदेव जी की असीम कृपा से इस वर्ष माघ शुद्धि दसवीं मेला पूरे देश में 19 फरवरी 2024 को हर्षोल्लास के साथ आयोजित होगा। जिसमें भगत और भगवान दोनों एक साथ होंगे।

    इसी कड़ी में राजगढ़-हिसार मुख्य सड़क मार्ग पर खंड सिवानी मंडी के गांव बड़वा की पहचान यहां आयोजित होने वाले बाबा रामदेव मेला और खेल समिति के समारोह से जुड़ी है। यहां आयोजित होने वाले बाबा रामदेव मेले एवं खेल प्रतियोगिता का जश्न व आकर्षण का केंद्र समारोह के दौरान आयोजित करवाई जाने वाली तरह-तरह की दौड़ों, कुश्तियों, कबड्डी, मटका दौड़, और अन्य दौड़ एवं खेलों से होती है। गांव में हर साल बाबा रामदेव मेला एवं खेल प्रतियोगिता करवाई जाती है। इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त के साथ बाबा रामदेव मंदिर में दीप प्रज्जवलन के बाद गांव के राजीव गांधी खेल स्टेडियम के मैदान में पहले ध्वजारोहण होता है। इसके बाद तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। बाबा रामदेव मंदिर में पूरा दिन पूजा-अर्चना होती है खेल मैदान में खेल प्रतियोगिताएं। इसमें राजस्थान,पंजाब और हरियाणा के हजारों लोग शामिल होते हैं।

     

     

    शुरुआती दौर में मेले में ऊंटों का नृत्य और दौड़ आकर्षण का केंद्र बनते थे। वर्ष 1994 से यहां बाबा रामदेव मेला समिति मेले का आयोजन करवाती आ रही है। उस दौरान की खेल प्रतियोगिता में ऊंटों की दौड़ मुख्य आकर्षण का केंद्र होती थी और ऊंट मैदान में नृत्य करते थे। विजेता को सम्मानित किया जाता था। उनकी जगह अब आधुनिक खेलों ने ले ली है, जिसमे लड़कियों और महिलाओं की तरह-तरह की खेल प्रतियोगिताएं शामिल है। इसके अलावा मेले में घोड़ों, कुश्ती, कबड्डी, मटका दौड़ महिलाओं के लिए तरह-तरह की दौड़ के विजेताओं को भी बड़े-बड़े नाम देकर सम्मानित किया जाता है, बाबा रामदेव मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है लेकिन यहां मेले का आयोजन साल 1994 से शुरू किया गया।

    जहां तक आस्था का केंद्र बने इस मंदिर की स्थापना का सवाल है तो गांव की बुजुर्ग महिला स्वर्गीय पदमा देवी पत्नी श्री रामकरण गैदर ने सैंकड़ों साल पहले अपनी धार्मिक श्रद्धा के फलस्वरूप की। रामदेवरा या रूणेचा धाम जो कि राजस्थान के जैसलमेर में पड़ता है और देश विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। उनकी भक्ति और श्रद्धा के फलस्वरूप उन्होंने अपने गांव में बाबा रामदेव मंदिर की नींव रखी। उनकी सोच थी कि उसके गांव में बाबा रामदेव मंदिर की स्थापना हो और जो लोग सैंकड़ों मील रामदेवरा नहीं जा पाते वो यही से बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करे। तब से लेकर आज तक इस मंदिर के प्रति गांव बड़वा के निवासियों ही नहीं, आस-पास के लोगों की अपार श्रद्धा है और यह कारवां जैसे-जैसे आगे बढ़ा तो बाबा रामदेव मेला समिति का गठन हुआ। समिति ने सन 1994 से यहां पर एक मेले और खेल प्रतियोगिता का अधिकारिक आयोजन करना शुरू कर दिया।

    वैसे भी अन्य बातों को लेकर रोमांचक है गांव बड़वा का इतिहास। सिवानी मंडी खंड भिवानी का गांव बड़वा हरियाणवी फिल्मों में भी मशहूर है। सालों पहले यहां पर हरियाणवी फिल्म चंद्रावल को यहां के केसर तालाब पर फिल्माया गया। इसके लिए हरियाणा के जाने-माने कलाकार यहां पर पहुंचे थे। यही नहीं यहां की हवेलियां ऐतिहासिक है और इन हवेलियों का जिक्र हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अभिलेखों में भी किया गया है। यहां 36 बिरादरी के लोग आपसी भाईचारे से रहते हैं। गांव बड़वा में हर कोने पर आपको मंदिर देखने को मिल जाएंगे इसलिए गांव बड़वा को छोटी काशी से कम नहीं आंका जाना चाहिए।

     

     

    गाँव बड़वा में लगने वाले बाबा रामदेव के मेले में हर वर्ष हजारों धर्म-प्रेमी बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए आते हैं। मेले में तरह-तरह की दुकानें सजाई जाती है। वहीं अनेक प्रकार के झूले और खेलों का आयोजन किया जाता है। बाबा रामदेव मेला कमेटी के वर्तमान प्रधान प्रदीप जांगड़ा बताते हैं कि हर साल की भांति इस साल भी यह मेला 19 फरवरी को बड़ी धूमधाम के साथ बाबा रामदेव मेला प्रांगण में आयोजित होगा और राजीव गांधी खेल स्टेडियम नेतृत्व खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। कमेटी के संस्थापक प्रधान मास्टर छोटूराम और खेल कमेटी के अध्यक्ष लालसिंह लालू ने बताया कि देशभर में दसवीं के दिन लगने वाले इस मेले में बड़वा धर्मनगरी में हजारों धर्म प्रेमी बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए आएंगे और मेले में खिलौनों प्रसाद की दुकानें सजाई जाएगी। जय बाबा रामदेवरा की।

    — डॉo सत्यवान सौरभ,

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Article‘अर्पण’ द्वारा जरुरतमंद परिवार में श्राद्धकर्म हेतु एवं बेटी की शादी हेतु राशन सामग्री उपलब्ध कराई
    Next Article खिल गया दिग दिगंत

    Related Posts

    एलएनएमयू में ‘एपीआई पोर्टल’ का शुभारंभ, विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्य होंगे डिजिटल रूप से सशक्त

    May 27, 2026

    मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मिले विधायक संजीव सरदार, हरिणा मेला को राजकीय मेला घोषित करने की रखी मांग

    May 27, 2026

    ईद अल-अजहा को लेकर कुंडहित व बागडेहरी में निकाला गया फ्लैग मार्च

    May 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    महिला पतंजलि योग समिति द्वारा पांच दिवसीय योग शिविर का आयोजन

    गम्हरिया स्थित वात्सल्य बालिका गृह से दो बच्चियां फरार, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

    कपाली नगर परिषद क्षेत्र में अवैध गोवंशीय पशु कारोबार के खिलाफ छापेमारी

    अमृत भारत योजना: जुलाई तक चांडिल स्टेशन का सौंदर्यीकरण कार्य होगा पूरा : संजय सेठ

    चांडिल में नवपदस्थापित एसडीओ नितिन शिवम गुप्ता का स्वागत

    जादूगोड़ा में ईद उल जोहा (बकरीद) को लेकर जादूगोड़ा पुलिस अलर्ट, शांतिपूर्ण बकरीद मानने को लेकर जादूगोड़ा पुलिस व झारखंड होम गार्ड के जवानों ने सड़कों पर निकाली फ्लैग मार्च

    78 साल बाद भी सड़क से वंचित खड़ियाकोचा, बीमारों को खटिया पर ढोने को मजबूर ग्रामीण

    बड़ा तालसा गांव में मासिका महोत्सव आयोजित, केरूआडूंगरी पंचायत बना झारखंड का पहला “मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री पंचायत”

    अब एआई बताएगा हाथियों की हलचल, दलमा-चाकुलिया और चांडिल में लगेंगे स्मार्ट कैमरे

    मासिका महोत्सव में बना इतिहास, केरूवाडूंगरी पंचायत बना झारखंड का पहला मेंस्ट्रुअल वेस्ट फ्री पंचायत

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.