उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में जिले में मानव तस्करी की रोकथाम हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक संपन्न
मानव तस्करी बहुत ही गंभीर समस्या है, इसे हर हाल में रोकने हेतु आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की है आवश्यकता – उपायुक्त*
घरेलू कार्य के लिए जिले से बाहर जाने वाले श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करें, ताकि उन्हें आर्थिक मानसिक एवं शारीरिक शोषण से बचाया जा सके- उपायुक्त
आज दिनांक 02.11.2023 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा श्री शशि भूषण मेहरा (भा०प्र०से०) की अध्यक्षता में
मानव तस्करी की रोकथाम हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आहूत की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने मानव तस्करी की समस्या को बेहद गंभीर बताया एवं इसके रोकथाम हेतु विभिन्न स्तरों पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई साथ ही कहा कि इसके लिए बेहतर कार्य योजना बनाएं।
*मानव तस्करी के रोकथाम हेतु करें प्रचार प्रसार*
उन्होंने संबंधित पदाधिकारी को जिले में मानव तस्करी के रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर इससे जुड़े कोई मामले सामने आते हैं तो ऐसे सिंडिकेट या एजेंसी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।
इसके अलावा उन्होंने जिले के किसी भी प्रतिष्ठानों में बच्चों से कार्य नहीं लिया जाय, इसका नियमित जांच करें। साथ ही पैसों का लालच देकर घरेलू कार्यों के बहाने जिले अथवा जिले से बाहर बच्चों को बाल श्रम में धकेलने वाले दलालों एजेंटों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि वैसे श्रमिक जो रोजी रोटी कमाने अन्य राज्यों में जाते हैं, उनका डेटा व पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करें ताकि उन्हें शारीरिक, आर्थिक और मानसिक शोषण से बचाया जा सके।
इसके अलावा उन्होंने जिले में महिलाओं, बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक एवं उचित दिशा निर्देश दिया। इसके अलावा बैठक में एकीकृत पुनर्वास-सह-संसाधन केंद्र, वन स्टॉप सेंटर योजना, महिला हेल्पलाइन योजना, स्वाधार गृह योजना/उज्ज्वला योजना (शक्ति सदन) सहित अन्य योजनाओं को लेकर भी आवश्यक विमर्श कर उन्होंने अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिया। वहीं उपायुक्त ने जिला अंतर्गत एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से संबंधित हेल्प डेस्क व कॉल सेंटर के बारे में जानकारी ली एवं इसे सक्रिय करने ना निर्देश दिया।
*बाल विवाह का समर्थन एवं बढ़ावा देने वाले माता पिता, रिश्तेदार एवं अभिभावकों के विरुद्ध की जायेगी कड़ी कार्रवाई*
वहीं उपायुक्त ने बाल श्रम एवं बाल विवाह को लेकर जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि दोनों ही कानूनन अपराध है, एक अभिभावक होने के नाते आप लोग बच्चों को बाल विवाह के दलदल में न झोंके, उनके सुनहरे बचपन को जीने दें, खेल कूद एवं पढ़ाई के उम्र में उसे ब्याह देना अति गंभीर अपराध है, जिला प्रशासन इसके लिए काफी सजग है, इसके लिए लगातार अभियान चलाया जायेगा, इसमें शामिल माता पिता एवं अभिभावकों सहित शामिल रिश्तेदारों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं बाल श्रम को लेकर भी उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा अभिभावकों को जागरूक बनने, अपने बच्चों में बिना भेद भाव के अच्छी शिक्षा देने एवं बेहतर नागरिक बनाने हेतु अपील किया।
*इनकी रही उपस्थिति*
इस मौके पर उपरोक्त के अलावा सिविल सर्जन डॉ एस के मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री अनंत कुमार,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री आनंद ज्योति मिंज, थाना प्रभारी श्री दिलीप कुमार के अलावा अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

